Tribute – स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री सहित केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
Tribute – स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। सभी नेताओं ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश साझा करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के संदेश आज भी देश के युवाओं को नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया राष्ट्र चेतना का प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र चेतना को विश्व स्तर पर सम्मान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि स्वामी विवेकानंद का आध्यात्मिक दृष्टिकोण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देशवासियों को निरंतर ऊर्जा और मार्गदर्शन देता रहेगा।
रक्षा मंत्री ने चरित्र निर्माण पर दिया जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अनुसार स्वामी विवेकानंद ने देशभक्ति, समाज सेवा, नैतिक मूल्यों और मजबूत चरित्र के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि आत्मविश्वासी और संस्कारित नागरिक किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा उनके विचार आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने साझा किया व्यक्तिगत प्रेरणा का अनुभव
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वामी विवेकानंद को युवाओं का प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बचपन से ही स्वामी विवेकानंद के विचार उनके जीवन का मार्गदर्शन करते रहे हैं। अपने संदेश में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उस प्रसिद्ध विचार का भी उल्लेख किया जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के भीतर असीम शक्ति और संभावनाओं की बात कही गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि उनका जीवन-दर्शन आत्मविश्वास, साहस और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
लक्ष्य प्राप्ति के मंत्र को बताया आज भी प्रासंगिक
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको” जैसा उनका संदेश आज भी युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उनके अनुसार स्वामी विवेकानंद के विचार समाज और राष्ट्र के सकारात्मक निर्माण की दिशा में सदैव प्रेरक बने रहेंगे।
जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान ने भी किया नमन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने ज्ञान, व्यक्तित्व और राष्ट्रवादी सोच के माध्यम से भारतीय संस्कृति की गौरवशाली पहचान पूरी दुनिया तक पहुंचाई। उन्होंने कहा कि उनके विचारों ने युवाओं में आत्मविश्वास, राष्ट्रभक्ति और मानव सेवा की भावना को मजबूत किया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद महान दार्शनिक और आध्यात्मिक चिंतक थे। उन्होंने कहा कि उनके ओजस्वी विचारों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाई और उनका जीवन आज भी आत्मविश्वास, मानव सेवा तथा राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता है।
विश्व मंच पर भारत की पहचान बनाने वाले संत
स्वामी विवेकानंद का मूल नाम नरेंद्रनाथ दत्त था और वे रामकृष्ण मिशन के संस्थापक थे। वर्ष 1893 में अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में दिए गए उनके ऐतिहासिक संबोधन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, मानव सेवा और सामाजिक उत्थान के संदेश को विश्वभर में पहुंचाया। आज भी उनके विचार शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में व्यापक रूप से प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।