SecurityUpdate – अधीर रंजन चौधरी की केंद्रीय सुरक्षा श्रेणी में किया गया बदलाव
SecurityUpdate- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी की केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब तक उन्हें प्राप्त वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर एक्स श्रेणी कर दिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया चुनावों के बाद बदलते राजनीतिक परिदृश्य को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं।

सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले आकलन के आधार पर सुरक्षा श्रेणियों की समीक्षा की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत अधीर रंजन चौधरी की सुरक्षा में संशोधन किया गया है। फिलहाल वह न तो लोकसभा या विधानसभा के सदस्य हैं और न ही कांग्रेस संगठन में किसी शीर्ष कार्यकारी पद पर हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं।
पहले वाई प्लस श्रेणी की थी सुरक्षा
अधीर रंजन चौधरी को सांसद रहने के दौरान वाई प्लस श्रेणी की केंद्रीय सुरक्षा प्रदान की गई थी। उस व्यवस्था के तहत उनके साथ कई सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे। अब संशोधित व्यवस्था के अनुसार उन्हें एक्स श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पहले भी उठ चुके हैं राजनीतिक सवाल
अधीर रंजन चौधरी की सुरक्षा को लेकर अतीत में राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली थी। वर्ष 2023 में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने उनकी केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। उस समय उन्होंने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक समझ होने के कारण उन्हें यह सुरक्षा मिल रही है।
आरोपों पर अधीर ने दिया था जवाब
तृणमूल कांग्रेस के आरोपों के बाद अधीर रंजन चौधरी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने उन आरोपों को खारिज करते हुए राजनीतिक चुनौती दी थी और कहा था कि यदि उनके खिलाफ लगाए जा रहे दावे सही हैं, तो उनके निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़कर इसका परीक्षण किया जा सकता है। उस समय यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में काफी चर्चा का विषय बना था।
चुनावी हार के बाद भी बनी रही थी सुरक्षा
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन चौधरी को बहारामपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद उनकी केंद्रीय सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। अब विधानसभा चुनावों के कुछ समय बाद सुरक्षा श्रेणी में बदलाव होने से राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां आम तौर पर ऐसे निर्णय खतरे के आकलन और निर्धारित मानकों के आधार पर ही लेती हैं।
राजनीतिक गलियारों में जारी है चर्चा
सुरक्षा श्रेणी में बदलाव के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा परिस्थितियों के संदर्भ में देख रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर इसे नियमित सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है। फिलहाल इस बदलाव पर कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विषय पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा एजेंसियों की आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।