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RSSMeeting – बेलगावी में शुरू हुई आरएसएस प्रचारकों की अहम वार्षिक बैठक

RSSMeeting- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारकों की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक शुक्रवार से कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो गई। संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की उपस्थिति में प्रारंभ हुई इस बैठक में संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ देश की समकालीन परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यह बैठक 12 जुलाई तक चलेगी, जिसमें शाखा विस्तार, संगठनात्मक समीक्षा और आगामी कार्ययोजना प्रमुख एजेंडा हैं।

शाखाओं के कार्यों की होगी समीक्षा

बैठक के दौरान देशभर में संचालित शाखाओं के कामकाज का विस्तृत आकलन किया जाएगा। संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शाखाओं की संख्या बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों और उनके प्रभाव की समीक्षा भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगी।

देशभर से पहुंचे संगठन के पदाधिकारी

आरएसएस के अनुसार, इस बैठक में संगठन के सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय स्तर के विभिन्न विभागों के प्रमुख, कार्यकारी परिषद के सदस्य, क्षेत्र प्रचारक, सह क्षेत्र प्रचारक, प्रांत प्रचारक और सह प्रांत प्रचारक भाग ले रहे हैं। संगठनात्मक ढांचे के अनुरूप देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों का प्रतिनिधित्व बैठक में मौजूद है।

सहयोगी संगठनों की भी भागीदारी

बैठक में संघ से प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी शामिल हो रहे हैं। इन प्रतिनिधियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों और समन्वय से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना बताया गया है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों का होगा मूल्यांकन

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पहले जारी जानकारी में बताया था कि मार्च में हरियाणा के समालखा में आयोजित प्रतिनिधि सभा के बाद अप्रैल, मई और जून के दौरान देशभर में कई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। बेलगावी बैठक में इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रिपोर्ट और उनके परिणामों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही शाखा स्तर पर तैयार वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन का भी मूल्यांकन होगा।

शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर मंथन

बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों की प्रगति पर भी चर्चा होगी। अब तक पूरे किए गए आयोजनों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए सरसंघचालक के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियों की दिशा पर भी विचार किया जाएगा।

समकालीन विषय भी रहेंगे चर्चा का हिस्सा

संगठनात्मक मुद्दों के अलावा बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। प्रचारक विभिन्न क्षेत्रों के अपने अनुभव साझा करेंगे और जनगणना सहित अन्य महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। संघ के अनुसार, शताब्दी वर्ष के अंतर्गत निर्धारित शेष कार्यक्रम विजयादशमी तक जारी रहेंगे और उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

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