RoadRageCase – तमिलनाडु में कथित टक्कर से अधिकारी की मौत, नेता का बेटा गिरफ्तार
RoadRageCase – तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले में कथित रोड रेज की एक घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सत्तारूढ़ दल डीएमके से जुड़े एक नेता के 20 वर्षीय बेटे को एक सरकारी अधिकारी की मौत के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बहस के बाद युवक ने कार से टक्कर मार दी, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घर के बाहर खड़ी गाड़ी से शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब आरोपी आदित्य अपनी कार से शिवमूर्ति के घर के पास से गुजर रहा था। बताया गया है कि घर के बाहर एक दोपहिया वाहन खड़ा था, जिससे सड़क का कुछ हिस्सा अवरुद्ध हो रहा था। इसी बात को लेकर आदित्य ने हॉर्न बजाया और वाहन हटाने के लिए कहा। इसी दौरान घर के भीतर से शिवमूर्ति और उनके परिजन बाहर आए। शुरुआती बातचीत जल्द ही बहस में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से पुलिस का कहना है कि कहासुनी के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद हालात अचानक बिगड़ गए और कार आगे बढ़ी, जिससे कई लोग उसकी चपेट में आ गए। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह टक्कर जानबूझकर मारी गई या नियंत्रण खोने की वजह से हादसा हुआ।
सरकारी अधिकारी की मौके पर मौत
मृतक की पहचान शिवमूर्ति के रूप में हुई है, जो सहायक श्रम निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे और कृष्णागिरी में ही रहते थे। घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। परिवार के अन्य सदस्य—उनके बेटे किरुबाकरण, बहू अम्सावल्ली और पोती नीलानी—भी घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि आरोपी युवक उस समय नशे की हालत में था। शिवमूर्ति के बेटे ने दावा किया कि उनके पिता स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक कार उनकी ओर बढ़ा दी गई। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर ही नशे की स्थिति की पुष्टि की जाएगी।
आरोपी और उसके साथियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने आदित्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। उसके साथ कार में मौजूद दो अन्य युवकों—ऋतिक कुमार और हरीश—को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी का कहना है कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो। राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते इस घटना पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात का आरोप न लगे।
इलाके में तनाव, पुलिस की अपील
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से हालात नियंत्रण में रहे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा।



