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PoliticsNow – असम में हिमंता सरमा के नेतृत्व में हुआ नई सरकार का गठन

PoliticsNow – असम में नई सरकार के गठन के साथ राज्य की राजनीति में एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा का नेतृत्व केंद्र में आ गया है। विधानसभा चुनाव में गठबंधन की बड़ी जीत के बाद मंगलवार को उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा मैदान में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा भाजपा शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और गठबंधन दलों के नेता भी इस मौके पर पहुंचे। शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में एनडीए सरकार के नए कार्यकाल की शुरुआत हो गई।

मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को मिला स्थान

मुख्यमंत्री के साथ चार अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। भाजपा की ओर से रामेश्वर तेली और अजंता नियोग को कैबिनेट में शामिल किया गया है। वहीं सहयोगी दल असम गण परिषद के नेता अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के चरण बोरो को भी सरकार में जिम्मेदारी दी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का ध्यान रखा गया है। इसी बीच वरिष्ठ भाजपा नेता रंजीत कुमार दास को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए गठबंधन का उम्मीदवार घोषित किया गया है।

चुनाव परिणामों ने मजबूत किया गठबंधन

हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए ने राज्यभर में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 101 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा को सबसे ज्यादा 81 सीटें मिलीं, जबकि असम गण परिषद और बीपीएफ ने 10-10 सीटों पर सफलता पाई। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में बड़े अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने इसे विकास आधारित राजनीति और केंद्र-राज्य समन्वय की जीत बताया था।

रामेश्वर तेली को मिला फिर अहम मौका

कैबिनेट में शामिल किए गए रामेश्वर तेली को राज्य के अनुभवी नेताओं में गिना जाता है। वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और केंद्र सरकार में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। खाद्य प्रसंस्करण और पेट्रोलियम मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर काम कर चुके तेली का जनजातीय समुदाय में अच्छा प्रभाव माना जाता है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में प्रतिनिधित्व करने के बाद अब वह डुलियाजन सीट से विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण विभाग सौंपा जा सकता है।

अजंता नियोग की राजनीतिक पकड़ बरकरार

अजंता नियोग ने इस चुनाव में लगातार छठी बार गोलाघाट सीट से जीत दर्ज की है। वह राज्य की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति से जुड़ी रहीं। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में भी उन्होंने मंत्री पद संभाला था। बाद में भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और मजबूत हुई। पिछली सरकार में उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में काम किया और राज्य की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए कैबिनेट में जगह दी है।

अतुल बोरा और चरण बोरो पर भी जिम्मेदारी

असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा छात्र राजनीति से निकलकर राज्य की मुख्यधारा की राजनीति में पहुंचे थे। असम आंदोलन के दौर से सक्रिय रहे बोरा गठबंधन सरकारों में पहले भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं बीपीएफ नेता चरण बोरो ने माजबाट सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। पिछले कार्यकाल में भी उन्होंने मंत्री पद संभाला था। भाजपा और बीपीएफ के बीच राजनीतिक तालमेल बनाए रखने में उनकी भूमिका को अहम माना जाता है।

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