Parliament – राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर किरेन रिजिजू ने उठाए सवाल
Parliament – केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर शुक्रवार को सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद की विदेश यात्रा तय नियमों और प्रक्रियाओं के तहत होनी चाहिए, लेकिन बिना पूर्व सूचना के विदेश जाना कई तरह की चर्चाओं को जन्म देता है। रिजिजू का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि संसद सदस्यों के लिए विदेश यात्रा से पहले संबंधित जानकारी देना जरूरी माना जाता है। उनके मुताबिक सांसदों को अपनी यात्रा के बारे में कम से कम तीन सप्ताह पहले सूचना देनी होती है, ताकि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। उन्होंने संकेत दिया कि इस प्रक्रिया का पालन सभी जनप्रतिनिधियों पर समान रूप से लागू होता है।
सांसदों के लिए तय हैं आधिकारिक नियम
किरण रिजिजू ने कहा कि संसद से जुड़े नियम और प्रोटोकॉल केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रमुख नेताओं और सांसदों की विदेश यात्राओं पर स्वाभाविक रूप से लोगों की नजर रहती है। ऐसे में यात्राओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराना जरूरी माना जाता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद सदस्य जब विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो कई बार सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े पहलू भी सामने आते हैं। इसी कारण निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक समझा जाता है। रिजिजू ने कहा कि यह नियम किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि सभी सांसदों के लिए समान रूप से लागू हैं।
राहुल गांधी की यात्रा पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
राहुल गांधी की विदेश यात्राएं पहले भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनती रही हैं। भाजपा नेताओं की ओर से समय-समय पर इस मुद्दे पर सवाल उठाए जाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताती रही है। इस बार भी रिजिजू के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी के कुछ नेताओं ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि विपक्ष के नेताओं की यात्राओं को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाया जा रहा है। वहीं भाजपा इसे नियमों और जवाबदेही से जुड़ा मामला बता रही है।
संसद सत्र और राजनीतिक माहौल के बीच बढ़ी चर्चा
रिजिजू का बयान ऐसे समय आया है जब संसद और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर माहौल पहले से ही सक्रिय बना हुआ है। विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। ऐसे में राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर दिया गया यह बयान राजनीतिक माहौल को और गर्मा सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद से जुड़े नियमों और नेताओं की जवाबदेही पर चर्चा आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी का दौर जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।