MaoistViolence – 31 मार्च तक माओवादी हिंसा खत्म करने का लक्ष्य: अमित शाह
MaoistViolence – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को 31 मार्च तक माओवादी हिंसा से पूरी तरह मुक्त करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और समन्वित रणनीति के चलते यह उद्देश्य हासिल किया जा सकेगा। शाह ने यह भी कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय उग्रवादी समूहों की योजनाओं को सुरक्षा एजेंसियां लगातार विफल कर रही हैं।

सुरक्षा बलों की भूमिका पर जोर
ओडिशा के कटक जिले के मुंडली में आयोजित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अर्धसैनिक बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि CISF ने न केवल औद्योगिक प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि कई संवेदनशील क्षेत्रों में भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाई है।
अमित शाह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार लगातार सुरक्षा बलों को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है। उनका कहना था कि इन प्रयासों के कारण नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
रेड कॉरिडोर की योजना को बताया असफल
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में माओवादी संगठनों की उस कथित योजना का भी उल्लेख किया जिसमें आंध्र प्रदेश के तिरुपति से लेकर नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर तक एक तथाकथित ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने की बात कही जाती रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार चलाए जा रहे अभियानों की वजह से ऐसी योजनाएं कभी सफल नहीं हो पाएंगी।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां इस तरह की किसी भी गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं और जहां भी उग्रवादी गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां त्वरित कार्रवाई की जाती है। शाह ने भरोसा जताया कि सुरक्षा बलों की सामूहिक कोशिशों से देश में शांति और स्थिरता को और मजबूत किया जा सकेगा।
विकास और शांति को बताया प्राथमिकता
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि सरकार की नीति केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उनका कहना था कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाओं के विस्तार से इन क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी क्षेत्र में शांति स्थापित होती है तो वहां विकास की गति तेज होती है और स्थानीय लोगों को नए अवसर मिलते हैं। इसी वजह से सरकार सुरक्षा और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
समारोह के दौरान गृह मंत्री ने CISF के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में उनकी भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यह बल अपनी जिम्मेदारियों को उसी समर्पण और पेशेवर तरीके से निभाता रहेगा



