LoanAppCase – छात्र की मौत के बाद लोन एप पर दर्ज हुआ मामला
LoanAppCase – केरल में एक मेडिकल छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद ऑनलाइन लोन एप को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने इस मामले में एक डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म के खिलाफ जबरन वसूली और मानसिक उत्पीड़न का केस दर्ज किया है। आरोप है कि एप से लिए गए कर्ज की वसूली के दौरान छात्र को लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई।

मौत के बाद दर्ज हुआ आपराधिक मामला
यह मामला छात्र की मौत के करीब एक सप्ताह बाद सामने आया, जब साइबर सेल की शिकायत के आधार पर 16 अप्रैल को चक्कराक्कल्लू पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ राज्य के कर्ज और ब्याज से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि एप संचालकों की भूमिका कितनी गंभीर थी।
कर्ज और वसूली को लेकर उठे सवाल
एफआईआर में उल्लेख है कि जनवरी महीने में छात्र नितिन राज को एप के जरिए 15,000 रुपये का कर्ज दिया गया था, जिस पर करीब 36 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया गया। यह दर नियमों के खिलाफ बताई जा रही है। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत से छात्र को बार-बार कॉल कर पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया। आरोप है कि इन कॉल्स के दौरान उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया और धमकियां भी दी गईं।
घटना से पहले बढ़ा मानसिक दबाव
पुलिस के अनुसार, 9 अप्रैल के बाद छात्र पर वसूली का दबाव अचानक बढ़ गया था। लगातार संपर्क और कथित धमकियों के कारण वह तनाव में था। 10 अप्रैल को वह एक इमारत से गिरा हुआ गंभीर हालत में मिला, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया।
शैक्षणिक संस्थान से जुड़े आरोप भी सामने आए
इस मामले में केवल लोन एप ही नहीं, बल्कि कॉलेज के कुछ शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। छात्र के परिवार और साथियों का कहना है कि उसे जाति और रंग के आधार पर भी प्रताड़ित किया जाता था। इन आरोपों के बाद पुलिस ने संबंधित विभाग के कुछ शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अत्याचार से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
छात्रों का विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के बाद कॉलेज परिसर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दबाव के बीच कॉलेज प्रबंधन ने एक वरिष्ठ शिक्षक को पद से हटा दिया है। हालांकि, पुलिस के अनुसार इस मामले में नामजद कुछ आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही हैं।
कई एजेंसियां कर रहीं समानांतर जांच
इस संवेदनशील मामले को देखते हुए राज्य की विभिन्न संस्थाएं भी सक्रिय हो गई हैं। केरल एससी/एसटी आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, युवा आयोग, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और चिकित्सा शिक्षा विभाग अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।