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LawAndOrder – मणिपुर तनाव के बीच नागालैंड पुलिस ने जारी की अपील

LawAndOrder – मणिपुर में जारी जातीय तनाव और हिंसक घटनाओं के बीच पड़ोसी राज्य नागालैंड में भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालात को देखते हुए नागालैंड पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अफवाहें और भड़काऊ संदेश सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।

नागालैंड के पुलिस महानिदेशक रूपिन शर्मा ने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी जानकारी को सत्यापित किए बिना साझा न करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली गलत सूचनाएं कई बार तनावपूर्ण माहौल को और गंभीर बना देती हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

फर्जी खबरों को लेकर पुलिस की सख्त चेतावनी

शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में नागालैंड पुलिस ने कहा कि मौजूदा समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों के कारण फर्जी सामग्री तैयार करना और उसे तेजी से फैलाना आसान हो गया है। ऐसे में नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

पुलिस ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री साझा करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, झूठी खबरें न केवल समाज में भ्रम फैलाती हैं, बल्कि इससे सांप्रदायिक तनाव और असुरक्षा की भावना भी बढ़ सकती है।

मणिपुर की घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता

यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है जब मणिपुर के कुछ इलाकों में सुरक्षा बलों की ओर से व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में कांगपोकपी और सेनापति जिलों से अपहरण किए गए कई लोगों को रिहा कराया गया था। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, 13 मई को कांगपोकपी जिले में तीन चर्च नेताओं की हत्या कर दी गई थी, जबकि कुछ अन्य लोग घायल हुए थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान कुछ लोगों को बंधक बनाए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। बाद में अधिकतर लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।

नागरिकों से संयम बरतने की अपील

नागालैंड पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे दूसरे राज्यों में हो रही घटनाओं को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से बचें। प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन मंचों पर कई तरह की अपुष्ट जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिन पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।

कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

पुलिस ने कहा कि जो लोग जानबूझकर अफवाह फैलाने या तनाव बढ़ाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या भड़काऊ सामग्री की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में सोशल मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे समय में जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना ही तनाव कम करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

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