Land Scam – कांग्रेस ने सीएम मोहन यादव पर लगाए गंभीर आरोप, भाजपा ने किया पलटवार
Land Scam – कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कथित भूमि सौदों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि इन मामलों में मुख्यमंत्री की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उनके इस्तीफे की मांग जारी रहेगी। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर भी जमीन से जुड़े मामलों में सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस ने इस्तीफे की मांग दोहराई
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि कथित भूमि प्रकरण व्यक्तिगत लाभ से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, तब तक निष्पक्ष जवाबदेही सुनिश्चित करना कठिन होगा, इसलिए पार्टी उनके इस्तीफे की मांग पर कायम है।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री की चुप्पी पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया न आने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले ही मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए तीन दिन का समय दे चुकी है। उनके अनुसार, सरकार और संगठन की ओर से अलग-अलग स्पष्टीकरण सामने आए हैं, लेकिन जनता मुख्यमंत्री का सीधा पक्ष सुनना चाहती है।
पटवारी ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट तथ्यहीन है तो सरकार कानूनी कार्रवाई करे, और यदि आरोप गलत हैं तो सार्वजनिक रूप से प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण आरोपों पर चुप्पी समाधान नहीं मानी जा सकती।
30 जून से अभियान शुरू करने की चेतावनी
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो 30 जून से राज्यभर में ‘भ्रष्टाचार सभा’ और ‘जवाब दो’ अभियान शुरू किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से जनता के सवाल सरकार तक पहुंचाए जाएंगे और कथित भूमि प्रकरण पर जवाब मांगा जाएगा।
किन आरोपों को लेकर उठा विवाद
हाल ही में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिसंबर 2023 के बाद लगभग दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन जिले में करीब 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 भूखंड लगभग 45 करोड़ रुपये में खरीदे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन जमीनों का बड़ा हिस्सा उन क्षेत्रों में स्थित है, जहां सरकार ने सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग में बदलाव से जुड़े निर्णयों की घोषणा की थी। इन दावों पर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
न्यायिक जांच की मांग और भाजपा का जवाब
कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई प्रतिक्रिया न आने पर भी सवाल उठाए हैं।
उधर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व पहले अपने नेताओं पर लगे जमीन से जुड़े आरोपों का जवाब दे। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे से जुड़े भूमि मामलों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की आलोचना की और कर्नाटक सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।