JDUmeeting – नीतीश कुमार की बैठक में नहीं तय हुआ विधायक दल नेता
JDUmeeting – बिहार की राजनीति में सोमवार को जनता दल यूनाइटेड की अहम बैठक ने हलचल बढ़ा दी। मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग पर आयोजित इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। नई सरकार के गठन के बाद यह पहली बैठक थी, जिसमें पार्टी की दिशा और नेतृत्व को लेकर कई मुद्दों पर बातचीत हुई, हालांकि विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका।

बैठक में सभी वरिष्ठ नेता और विधायक रहे मौजूद
करीब 82 मिनट तक चली इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, विधान परिषद सदस्य और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। यह बैठक संगठनात्मक मजबूती और आगामी रणनीति को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी। बैठक के दौरान पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर चर्चा तो हुई, लेकिन किसी नाम पर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि विजय चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।
नीतीश कुमार ने दिया चुनावी तैयारी का संदेश
बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने विधायकों को संबोधित करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है और किसी तरह की चिंता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अब से ही आगामी चुनाव की तैयारी में जुट जाना चाहिए और 2025 के विधानसभा चुनाव में पहले से बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनका दिल्ली आना-जाना बढ़ेगा, लेकिन वे पार्टी और विधायकों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।
निशांत कुमार को लेकर उठी नई मांग
बैठक के दौरान पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की बात उठाई। हालांकि निशांत कुमार इस बैठक में मौजूद नहीं थे, फिर भी नेताओं के बीच उनके नाम को लेकर चर्चा होती रही। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार जल्द ही बिहार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं और उन्हें संगठन में अहम भूमिका मिल सकती है।
बैठक से पहले नेताओं के बयान
बैठक शुरू होने से पहले जदयू के नेताओं ने इसके उद्देश्य को लेकर अपनी-अपनी बातें रखीं। पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि यह बैठक पार्टी को मजबूत करने और संगठनात्मक ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बुलाई गई है। वहीं, वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार ने बताया कि बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के चयन को लेकर भी चर्चा होनी है।
पोस्टरों से बढ़ा सियासी माहौल
बैठक से पहले जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों ने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया। इन पोस्टरों में “नेक्स्ट सीएम ऑफ बिहार” जैसे संदेश लिखे गए थे। एक पोस्टर में “नीतीश नहीं तो निशांत चाहिए” का नारा भी देखने को मिला। इन संदेशों के जरिए पार्टी के कुछ समर्थकों ने निशांत कुमार को भविष्य के नेतृत्व के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है।
सोशल मीडिया पर भी दिखी सक्रियता
जदयू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निशांत कुमार की तस्वीर साझा करते हुए उनके विचारों और सिद्धांतों का उल्लेख किया। पोस्ट में बताया गया कि वे समाजवादी सोच से प्रभावित हैं और अपराध, भ्रष्टाचार व सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख रखते हैं। फिलहाल, इस बैठक के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे आने वाले समय में बिहार की राजनीति की दिशा तय हो सकती है।