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Delhi Police Action: रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर दिल्ली पुलिस की सख्ती, 17 दिनों में 150 FIR

Delhi Police Action: दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। केवल 17 दिनों के भीतर 150 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह कदम तब उठाया गया, जब यह साफ हो गया कि केवल चालान काटने से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा है। पुलिस के अनुसार, गलत दिशा में ड्राइविंग न केवल ट्रैफिक जाम बढ़ाती है, बल्कि गंभीर हादसों की एक बड़ी वजह भी बन चुकी है।

Delhi Police Action
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चालान से आगे बढ़कर आपराधिक कार्रवाई

दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक Wrong Side Driving के मामलों में जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसे उपाय किए जाते थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में देखा गया कि बड़ी संख्या में वाहन चालक बार-बार इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। इसी कारण पुलिस ने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर Criminal Action लेने का फैसला किया, ताकि लोगों में डर पैदा हो और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।

किन कानूनों के तहत दर्ज हुई FIR

3 जनवरी से 19 जनवरी के बीच दर्ज कुल 154 मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, जो लापरवाह ड्राइविंग से जुड़ी है, लगाई गई। इसके साथ ही Motor Vehicle Act की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस के अनुसार, यह एक स्पष्ट संदेश है कि अब ट्रैफिक नियम तोड़ना केवल आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रहेगा।

सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाके कौन से

पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और नई दिल्ली जिले Wrong Side Driving के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील बनकर उभरे हैं। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में सबसे ज्यादा एफआईआर दर्ज की गईं। वसंत कुंज नॉर्थ और साउथ थाना क्षेत्रों में कुल 10 मामले सामने आए।

दक्षिण दिल्ली और नई दिल्ली की स्थिति

दक्षिण दिल्ली के हौज खास और साकेत क्षेत्रों में चार-चार एफआईआर दर्ज हुईं। इसके अलावा मालवीय नगर, महरौली और कालकाजी जैसे इलाकों में भी कई मामले सामने आए। नई दिल्ली जिले के तिलक मार्ग क्षेत्र में अकेले पांच एफआईआर दर्ज की गईं, जो यह दिखाती हैं कि वीआईपी और भारी ट्रैफिक वाले इलाकों में भी नियमों की अनदेखी हो रही है।

हर तरह के वाहन जांच के दायरे में

पुलिस के विश्लेषण में यह भी सामने आया कि गलत दिशा में चलने वालों में किसी एक वर्ग के वाहन शामिल नहीं हैं। सबसे अधिक मामले निजी कारों के पाए गए। इसके बाद ऑटो रिक्शा और हल्के वाणिज्यिक वाहन जैसे Pickup Truck और Tata Ace शामिल हैं। यह दर्शाता है कि समस्या केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं है।

ई-रिक्शा और भारी वाहनों पर भी कार्रवाई

इन 17 दिनों के दौरान आठ ई-रिक्शा Wrong Side Driving करते हुए पकड़े गए। इतना ही नहीं, हौज खास इलाके में एक Hydra Crane भी गलत दिशा में चलते हुए पाई गई। पुलिस का कहना है कि छोटे, इलेक्ट्रिक या भारी वाहन, सभी यदि गलत दिशा में चलते हैं तो जानलेवा साबित हो सकते हैं।

छोटे वाहनों से भी बढ़ता खतरा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, संकरी सड़कों पर ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन यदि गलत दिशा में चलें तो पैदल यात्रियों और अन्य वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। इसी वजह से अब Enforcement Drive में किसी भी वाहन को छूट नहीं दी जा रही है।

आपराधिक कार्रवाई क्यों जरूरी हुई

पहले Wrong Side Driving पर पहली बार 5,000 रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान था। इसके बावजूद लोग नियम तोड़ते रहे। पिछले वर्ष ही दिल्ली में इस उल्लंघन को लेकर तीन लाख से अधिक चालान काटे गए थे। पुलिस का मानना है कि कई Fatal Accident की जड़ में यही लापरवाही रही है।

जमानती धाराएं, लेकिन सख्त संदेश

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दर्ज की गई धाराएं जमानती हैं। आरोपी को मौके पर हिरासत में लिया जा सकता है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के बाद रिहा कर दिया जाता है। इसके बावजूद एफआईआर का डर लोगों को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर कर सकता है।

आगे भी जारी रहेगी सख्ती

दिल्ली पुलिस ने संकेत दिए हैं कि Wrong Side Driving जैसे खतरनाक ट्रैफिक उल्लंघनों पर यह सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा। उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि राजधानी की सड़कों को सुरक्षित बनाना और लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।

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