Cosmetics – इंजेक्शन वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर सरकार ने जारी की चेतावनी
Cosmetics – केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन यानी CDSCO ने इंजेक्शन के जरिए इस्तेमाल किए जाने वाले सौंदर्य उत्पादों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अधीन काम करने वाली इस संस्था ने कहा है कि इंजेक्शन के रूप में दिए जाने वाले उत्पाद कानूनी तौर पर कॉस्मेटिक की श्रेणी में नहीं आते। ऐसे उत्पादों का उपयोग उपभोक्ताओं, ब्यूटी प्रोफेशनल्स या एस्थेटिक क्लीनिकों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।

यह सलाह ऐसे समय में सामने आई है जब देश के कई शहरों में ब्यूटी क्लीनिक और वेलनेस सेंटर इंजेक्टेबल एस्थेटिक ट्रीटमेंट्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए इन प्रक्रियाओं को कॉस्मेटिक उपचार के तौर पर पेश किया जा रहा है।
कानून में कॉस्मेटिक की स्पष्ट परिभाषा
सीडीएससीओ ने अपनी एडवाइजरी में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 का हवाला देते हुए बताया कि कॉस्मेटिक उन उत्पादों को कहा जाता है जिन्हें शरीर पर लगाया, छिड़का, रगड़ा या बाहरी रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इनका उद्देश्य शरीर की सफाई, सुंदरता बढ़ाना या आकर्षक रूप देना होता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उत्पाद को शरीर के भीतर इंजेक्शन के माध्यम से पहुंचाना कॉस्मेटिक उपयोग की परिभाषा में नहीं आता। इसलिए ऐसे उत्पादों को सामान्य ब्यूटी ट्रीटमेंट की तरह इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ माना जाएगा।
क्लीनिक और प्रोफेशनल्स के लिए निर्देश
एडवाइजरी में कहा गया है कि कोई भी एस्थेटिक क्लीनिक, ब्यूटी एक्सपर्ट या अन्य पेशेवर व्यक्ति किसी कॉस्मेटिक उत्पाद को इंजेक्शन के रूप में उपयोग नहीं कर सकता। अधिकारियों ने साफ किया कि कॉस्मेटिक केवल बाहरी इस्तेमाल के लिए होते हैं और उन्हें शरीर के भीतर पहुंचाना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उचित मेडिकल निगरानी के इस तरह की प्रक्रियाएं लोगों की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। इसी कारण सरकार ने नियमों को लेकर दोबारा सख्त रुख अपनाया है।
लेबलिंग और प्रचार पर भी सख्ती
सीडीएससीओ ने उत्पादों की लेबलिंग और प्रचार को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के मुताबिक कोई भी कंपनी अपने कॉस्मेटिक उत्पाद को लेकर भ्रामक या झूठे दावे नहीं कर सकती। इसके अलावा किसी उत्पाद के कंटेनर या लेबल पर दी गई जानकारी को बदलना या हटाना भी कानून के दायरे में अपराध माना जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल, गलत जानकारी देना या कॉस्मेटिक उत्पादों को किसी बीमारी के इलाज के रूप में प्रचारित करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लोगों से शिकायत करने की अपील
ड्रग कंट्रोलर जनरल की ओर से जारी नोटिस में लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन होता दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों या राज्य की लाइसेंसिंग एजेंसी को दें।
यह सलाह उपभोक्ताओं, निर्माताओं, ब्यूटी क्लीनिकों और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों के लिए जारी की गई है। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा और सही जानकारी सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।