CBIProbe – अभिनेता विजय को करूर भगदड़ मामले में फिर किया गया तलब
CBIProbe – तमिलनाडु के करूर में पिछले वर्ष हुई भगदड़ की घटना से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम के प्रमुख विजय को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों के अनुसार एजेंसी ने उन्हें मंगलवार को उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है। इससे पहले भी विजय से इस मामले में दो बार पूछताछ की जा चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान एजेंसी को कुछ नए दस्तावेज और तथ्यों से जुड़ी जानकारी मिली है। इन पहलुओं पर स्पष्टीकरण लेने के लिए ही अभिनेता को फिर से तलब किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले की हर कड़ी को समझने के लिए संबंधित लोगों से विस्तृत जानकारी लेना जरूरी है।
पहले भी हो चुकी है पूछताछ
इससे पहले अभिनेता विजय को जनवरी महीने में दो अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। 12 जनवरी और 19 जनवरी को उन्होंने केंद्रीय एजेंसी के मुख्यालय में उपस्थित होकर अधिकारियों के सवालों का जवाब दिया था।
अब जांच में सामने आए नए तथ्यों को लेकर एजेंसी फिर से उनसे जानकारी जुटाना चाहती है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की पूछताछ जांच प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा होती है और इसका उद्देश्य घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करना होता है।
रैली के दौरान हुई थी दुखद भगदड़
यह मामला 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर में हुई एक बड़ी भगदड़ से जुड़ा है। उस दिन अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान अचानक भीड़ में अफरातफरी मच गई थी। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।
घटना के बाद राज्य में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल देखा गया था। कई लोगों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी ताकि यह पता चल सके कि इतनी बड़ी दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन थे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदली जांच एजेंसी
शुरुआत में इस मामले की जांच एक विशेष जांच दल के पास थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्देश दिया। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
एजेंसी फिलहाल घटना से जुड़े सबूतों, दस्तावेजों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य पूरी घटना की परिस्थितियों को समझना और जिम्मेदार पक्षों की पहचान करना है।
जांच की निगरानी के लिए समिति गठित
पिछले वर्ष अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुछ विशेष निर्देश भी दिए थे। अदालत ने सीबीआई निदेशक से कहा था कि जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
इसके साथ ही जांच की निगरानी के लिए एक पर्यवेक्षी समिति का गठन किया गया था। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को सौंपी गई थी। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़े।
घटना ने देशभर में छोड़ा गहरा असर
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया था। अदालत ने कहा था कि करूर की इस दुखद घटना ने देश के नागरिकों के मन पर गहरा प्रभाव डाला है।
पीठ ने यह भी कहा था कि जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके अधिकारों की रक्षा करना न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अदालत के अनुसार ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि लोगों का भरोसा न्यायिक प्रक्रिया और आपराधिक न्याय प्रणाली पर बना रहे।
निष्पक्ष जांच पर जोर
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है। इससे न केवल घटना के वास्तविक कारण सामने आते हैं बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय भी तय किए जा सकते हैं।
फिलहाल एजेंसियां इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने की कोशिश कर रही हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।



