Animal Care – भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने जारी की सलाह
Animal Care – भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए अमरोहा जिला प्रशासन ने पशुपालकों और आम नागरिकों से पशु-पक्षियों की देखभाल में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने कहा कि लू के दौरान जानवरों और पक्षियों पर गर्मी का गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर उनके स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है।

पशुओं को धूप से बचाने पर दिया गया जोर
जिलाधिकारी ने बताया कि तेज धूप और अधिक तापमान के कारण पशुओं में पानी की कमी, थकान, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने पशुपालकों से कहा कि पशुओं को खुले मैदान या धूप में लंबे समय तक न बांधें। उन्हें छायादार और हवादार स्थान पर रखा जाए तथा दिनभर पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध कराया जाए। पानी के बर्तनों को हमेशा भरा रखने और पशुशालाओं में गर्मी कम करने के लिए छत पर टाट, घास-फूस या अन्य उपयुक्त व्यवस्था करने की भी सलाह दी गई है।
चारा, देखभाल और स्वास्थ्य पर रखें विशेष ध्यान
प्रशासन ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच पशुओं को चराने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान तापमान सबसे अधिक रहता है। पशुओं को हल्का और सुपाच्य चारा देने के साथ हरे चारे की मात्रा बढ़ाने की बात कही गई है। समय-समय पर पशुओं को पानी से नहलाने या उनके शरीर पर पानी का छिड़काव करने से भी उन्हें राहत मिल सकती है। गर्भवती, बीमार और छोटे पशुओं की अतिरिक्त निगरानी रखने की अपील की गई है। यदि किसी पशु में तेज सांस चलना, अत्यधिक सुस्ती, मुंह से लार गिरना या गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत निकटतम पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
पक्षियों के लिए पानी और छाया की व्यवस्था करने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि घरों की छत, आंगन, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पानी से भरे बर्तन रखें ताकि पक्षियों को भीषण गर्मी में राहत मिल सके। पक्षियों के लिए दाना और पानी हमेशा छायादार स्थान पर रखा जाए तथा पानी के बर्तनों की नियमित सफाई कर उनमें ताजा पानी भरा जाए। साथ ही पेड़-पौधों की अनावश्यक कटाई से बचने की भी सलाह दी गई है, जिससे पक्षियों को प्राकृतिक आश्रय और छाया मिलती रहे।
संकट में दिखने वाले पशु-पक्षियों की तुरंत दें सूचना
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई पक्षी गर्मी से कमजोर, घायल या असहाय अवस्था में दिखाई दे तो उसे सुरक्षित और छायादार स्थान पर रखकर पानी उपलब्ध कराया जाए। जरूरत पड़ने पर वन विभाग या पशु चिकित्सा विभाग को तत्काल सूचना दी जाए ताकि समय पर उपचार मिल सके।
नागरिकों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आग्रह
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के इस मौसम में पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना केवल मानवीय संवेदना ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। बाजारों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे लगाकर पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। प्रशासन ने कहा कि हीट वेव के दौरान सभी नागरिक मिलकर इन सावधानियों का पालन करें और जरूरतमंद पशु-पक्षियों की सहायता के लिए आगे आएं।