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WorkFromHome – घर से काम करने के लिए सही दिशा चुनना क्यों है जरूरी…

WorkFromHome – वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने और दिशा को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि यदि घर में वस्तुओं की स्थिति और व्यक्ति की गतिविधियां वास्तु के सिद्धांतों के अनुरूप न हों, तो इसका सीधा असर मानसिक शांति, पारिवारिक संबंधों और कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। बदलते समय के साथ वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था आम हो चुकी है, ऐसे में घर के भीतर काम करने की सही दिशा का चयन पहले से कहीं अधिक अहम माना जा रहा है।

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गलत दिशा में काम करने से बढ़ सकती हैं परेशानियां

वास्तु जानकारों के अनुसार, यदि व्यक्ति लंबे समय तक गलत दिशा में बैठकर काम करता है, तो उसका प्रभाव केवल मनोदशा तक सीमित नहीं रहता। इसका असर निर्णय क्षमता, एकाग्रता और करियर की प्रगति पर भी देखा जा सकता है। कई बार बिना कारण चिड़चिड़ापन, काम में मन न लगना और बार-बार रुकावटें आने जैसी स्थितियां सामने आती हैं। ऐसे में कार्यस्थल की दिशा को लेकर सजग रहना जरूरी माना जाता है।

काम के लिए कौन-सी दिशा मानी जाती है शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बैठकर काम करने के लिए उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे उपयुक्त माना गया है। इन दिशाओं को धन, अवसर और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। इसके अलावा पूर्व दिशा भी कार्य के लिए अनुकूल मानी जाती है। कहा जाता है कि इन दिशाओं में बैठकर काम करने से व्यक्ति अधिक सजग रहता है और उसके प्रयासों को बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है।

कार्यस्थल की मेज और बैठने की सही व्यवस्था

सिर्फ दिशा ही नहीं, बल्कि काम करने की मेज और बैठने की स्थिति भी वास्तु में महत्वपूर्ण मानी गई है। कार्य के लिए उपयोग की जाने वाली मेज आयताकार या चौकोर होनी चाहिए। गोल या असंतुलित आकार की मेज को वास्तु के लिहाज से उचित नहीं माना जाता। बैठते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि पीठ के पीछे ठोस दीवार हो। खिड़की या खुली जगह पीठ के पीछे होने से अस्थिरता और ध्यान भटकने की आशंका बताई जाती है।

लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कहां रखें

घर से काम करने वालों के लिए लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जरूरी होते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इन्हें कार्य मेज के दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखना बेहतर माना जाता है। इस दिशा को ऊर्जा और सक्रियता से जोड़कर देखा जाता है। माना जाता है कि सही स्थान पर उपकरण रखने से काम के प्रति रुचि बनी रहती है और व्यक्ति लंबे समय तक फोकस बनाए रख पाता है।

बेडरूम में काम करना कितना सही

अक्सर जगह की कमी के कारण लोग बेडरूम में ही काम करने लगते हैं। वास्तु शास्त्र में इसे आदर्श स्थिति नहीं माना गया है। जानकारों का कहना है कि बेडरूम विश्राम और नींद के लिए होता है, ऐसे में वहीं काम करने से सुस्ती और मानसिक थकान बढ़ सकती है। संभव हो तो घर में अलग कमरा या कम से कम एक निश्चित कोना काम के लिए निर्धारित करना बेहतर माना जाता है।

चेहरे की दिशा और वातावरण का प्रभाव

वास्तु के अनुसार काम करते समय व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इससे सकारात्मक सोच और एकाग्रता में वृद्धि होने की मान्यता है। साथ ही कार्यस्थल पर अनावश्यक सामान, बिखरी हुई फाइलें या गंदगी नहीं होनी चाहिए। साफ-सुथरा वातावरण मन को स्थिर रखने में मदद करता है और कार्यक्षमता को बढ़ाता है।

संतुलन और अनुशासन का महत्व

वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का उद्देश्य किसी पर दबाव डालना नहीं, बल्कि संतुलन और अनुशासन के जरिए बेहतर जीवनशैली को बढ़ावा देना माना जाता है। घर से काम करने वाले लोगों के लिए सही दिशा, उचित बैठने की व्यवस्था और व्यवस्थित माहौल न केवल कार्य की गुणवत्ता सुधार सकता है, बल्कि मानसिक शांति बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।

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