UrbanElection – झारखंड के 48 शहरी निकायों में सुबह 9 बजे तक 12% मतदान
UrbanElection – झारखंड के 48 शहरी स्थानीय निकायों में सोमवार सुबह शुरू हुए मतदान के शुरुआती दो घंटों में करीब 12 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। सुबह 7 बजे मतदान प्रक्रिया आरंभ हुई और राज्य भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्वक मतदान जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, फिलहाल कहीं से किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। शाम 5 बजे तक मतदान चलेगा, जिसके बाद मतपेटियां सुरक्षित स्थानों पर रखी जाएंगी।

मतदान की शुरुआती स्थिति
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने जानकारी दी कि सुबह 9 बजे तक लगभग 12 फीसदी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। उन्होंने बताया कि सभी जिलों से शांतिपूर्ण मतदान की रिपोर्ट मिल रही है। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। शुरुआती घंटों में महिलाओं और बुजुर्ग मतदाताओं की अच्छी भागीदारी देखी गई, जिससे मतदान प्रतिशत में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।
43 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
इस चुनाव में 43 लाख से ज्यादा मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। कुल 6,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके राजनीतिक भविष्य का फैसला आज मतपेटियों में बंद होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने रांची के वार्ड संख्या 40 में पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और कहा कि शहरी विकास के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका बेहद अहम है।
किन पदों के लिए हो रहा मतदान
इन 48 निकायों में मेयर और चेयरपर्सन पदों के साथ-साथ 1,042 वार्डों में पार्षद पद के लिए मतदान हो रहा है। चुनाव में नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। मेयर और चेयरपर्सन पद के लिए 562 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनमें 235 महिलाएं शामिल हैं। वहीं, वार्ड पार्षद पद के लिए 5,562 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 2,727 महिला उम्मीदवार हैं। महिला भागीदारी का यह आंकड़ा स्थानीय स्तर पर बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत देता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कुल 4,307 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 896 केंद्रों को अतिसंवेदनशील और 2,445 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से ड्रोन निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी व्यवस्थाएं भी कई स्थानों पर की गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
जनप्रतिनिधियों और आम मतदाताओं में उत्साह
राजधानी रांची सहित विभिन्न शहरों में मतदान को लेकर उत्साह देखा गया। पूर्व मेयर और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने वार्ड संख्या 10 स्थित होली क्रॉस पब्लिक स्कूल के मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मत की ताकत को समझें और शहरों के विकास, पारदर्शी प्रशासन तथा बेहतर भविष्य के लिए मतदान जरूर करें।
स्थानीय मुद्दों पर टिकी नजर
इस बार के चुनाव में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। कई उम्मीदवारों ने पारदर्शिता और जवाबदेही को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है। मतदाता भी स्थानीय समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहरी निकायों की कार्यप्रणाली सीधे तौर पर नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है, इसलिए इन चुनावों का महत्व और बढ़ जाता है।
मतदान प्रक्रिया शाम तक जारी रहेगी। आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दें।