RuralDevelopment – महगामा में विकास योजनाओं का उद्घाटन, पंचायतों पर फोकस
RuralDevelopment – झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा क्षेत्र में ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से कई योजनाओं की शुरुआत और आधारशिला रखी गई। इस मौके पर राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रीय विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है और पंचायत स्तर पर योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि लोगों को सीधे लाभ मिल सके।

पंचायतों को बढ़े बजट से मिली रफ्तार
मंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान पंचायतों के लिए वित्तीय संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। केंद्र से मिलने वाली राशि अब पहले की तुलना में अधिक हो गई है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि पहले सीमित बजट के कारण कई परियोजनाएं अधूरी रह जाती थीं, लेकिन अब पर्याप्त फंड मिलने से लंबित योजनाओं को पूरा किया जा रहा है। इससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी बल मिला है।
मनरेगा को लेकर उठाई चिंता
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मनरेगा योजना की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस योजना को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं, जिससे मजदूरों को काम पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना था कि ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं, जिनसे श्रमिक खुद काम मांगने से कतराने लगें। इसके बावजूद राज्य सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है और बकाया भुगतान के मुद्दे को लेकर केंद्र से संवाद बनाए हुए है।
मजदूरों के अधिकारों पर सरकार का जोर
दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि मनरेगा भले ही केंद्र सरकार की योजना हो, लेकिन इसमें काम करने वाले मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रमिकों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
जल संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान
मंत्री ने जानकारी दी कि क्षेत्र में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। लकड़मारा दह की खुदाई का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य जल स्रोतों के विकास का काम भी जारी है। उन्होंने कहा कि पुराने नालों के जीर्णोद्धार से जल प्रवाह को फिर से सक्रिय किया जाएगा, जिससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होगी और किसानों को राहत मिलेगी।
सड़क और कनेक्टिविटी सुधार पर फोकस
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर भी जोर दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि जर्जर सड़कों को ठीक करने और नई सड़कों के निर्माण से लोगों की आवाजाही आसान होगी। इससे न केवल दैनिक जीवन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य पंचायत स्तर पर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में ठोस सुधार हो सके।



