झारखण्ड

Recruitment – भर्ती पारदर्शिता की मांग को लेकर 11वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन

Recruitment– रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं। दिन-रात खुले मैदान में डटे छात्र कठिन मौसम और सीमित संसाधनों के बावजूद आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

अनुशासन और गैर-राजनीतिक रुख पर जोर

आंदोलन की सबसे खास बात इसकी स्वयं निर्धारित आचार संहिता है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के मंच का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल, बाहरी नेता या संगठन के लिए नहीं किया जाएगा। साथ ही धार्मिक, जातीय या व्यक्तिगत टिप्पणी से भी पूरी तरह दूरी रखी जाएगी। छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। आंदोलन स्थल पर इससे जुड़े दिशा-निर्देश भी सार्वजनिक रूप से लगाए गए हैं।

सीमित संसाधनों के बीच जारी है धरना

धरने में शामिल कई छात्र रात खुले आसमान के नीचे ही गुजार रहे हैं। बारिश, उमस और अन्य कठिन परिस्थितियों के बावजूद वे अपने आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आसपास के गांवों से लोग भोजन और जरूरी सामग्री भेज रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों के कारण संसाधन पर्याप्त नहीं हो पा रहे हैं। कई छात्र साधारण भोजन और उपलब्ध सीमित सामग्री के सहारे आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

अनशन पर बैठे छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति चिंता का विषय

धरना स्थल पर कुछ छात्र आमरण अनशन भी कर रहे हैं। इनमें देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद चिकित्सकों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई। वहीं अन्य अनशनकारी छात्र भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्र भी उनके समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

ये हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें विवादित भर्ती परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच, गंभीर आरोपों वाली परीक्षाओं को निरस्त कर दोबारा आयोजित करना, पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना, समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करना तथा लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करना शामिल है। इसके अलावा आयोगों की जवाबदेही तय करने और भर्ती मामलों की निगरानी स्वतंत्र स्तर पर कराने की भी मांग की गई है।

शांतिपूर्ण आंदोलन पर सभी की नजर

छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इन मांगों पर क्या कदम उठाती हैं। फिलहाल प्रदर्शन जारी है और अभ्यर्थी अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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