PoliticalCrisis – झारखंड कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, दिखे कार्रवाई के संकेत
PoliticalCrisis – झारखंड कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी नाराजगी अब खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है। राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रदेश नेतृत्व पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए जाने के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बयानबाजी को गंभीरता से लिया जा रहा है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कार्यशैली को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उनके बयानों के बाद संगठन के भीतर असहज स्थिति बन गई है और पार्टी नेतृत्व लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
संगठन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
राधाकृष्ण किशोर ने पार्टी संगठन के कामकाज को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर समान व्यवहार नहीं हो रहा और कुछ नेताओं को अलग तरीके से देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपनी नाराजगी पार्टी प्रभारी के. राजू तक भी पहुंचाई है।
उनका कहना है कि संगठन में फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि मौजूदा व्यवस्था से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है।
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
वित्त मंत्री ने अपनी बात रखते हुए पार्टी के कुछ पुराने मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और रामा खलखो का उदाहरण देते हुए संगठन के निर्णयों पर सवाल उठाए।
राधाकृष्ण किशोर के अनुसार, योगेंद्र साव को पार्टी से तीन साल के लिए निष्कासित किया गया था, जबकि दूसरी ओर रामा खलखो को सार्वजनिक विवादों के बावजूद चुनाव समिति में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और असंतोष पैदा होता है।
जंबो समिति पर भी जताई आपत्ति
प्रदेश संगठन में विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई बड़ी समिति को लेकर भी मंत्री ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 81 विधानसभा सीटों के लिए गठित अत्यधिक बड़ी समिति प्रभावी तरीके से काम नहीं कर सकती।
उनका मानना है कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए छोटे और स्पष्ट जिम्मेदारी वाले ढांचे की जरूरत है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से संगठनात्मक सुधारों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।
कार्रवाई की चर्चा तेज
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राधाकृष्ण किशोर के बयानों को अनुशासनहीनता के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व उनके खिलाफ कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि मंत्री पद को लेकर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
हालांकि अब तक पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। वरिष्ठ नेता पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और शीर्ष स्तर पर लगातार चर्चा जारी है।
सियासी माहौल हुआ गर्म
झारखंड कांग्रेस में बढ़ते विवाद ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी के भीतर मतभेद जल्द नहीं सुलझे, तो इसका असर आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें कांग्रेस नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में पार्टी इस विवाद को किस तरह संभालती है, यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।