Jamshedpur Police: जमशेदपुर के कारोबारी पुत्र कैरव गांधी अपहरण मामले में मिली बड़ी कामयाबी, सकुशल हुए बरामद
Jamshedpur Police: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में बीते दिनों हुए हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक पटाक्षेप कर दिया है। शहर के नामी व्यवसायी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी अपराधियों के चंगुल से छूटकर सुरक्षित अपने घर वापस लौट आए हैं। इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया तफ्तीश को लेकर जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पाण्डेय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विस्तार से जानकारी साझा की। पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और रणनीतिक दबाव के कारण अपहरणकर्ता कैरव को छोड़ने पर मजबूर हो गए। मंगलवार तड़के कैरव को उनके परिजनों से मिलवाया गया, जिससे परिवार और व्यापारिक जगत ने बड़ी राहत की सांस ली है।

बिष्टुपुर के पॉश इलाके से अगवा हुए थे कैरव
घटना की पृष्ठभूमि साझा करते हुए एसएसपी पीयूष पाण्डेय ने बताया कि 13 जनवरी को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वीआईपी इलाके ‘सीएच एरिया’ से 24 वर्षीय कैरव गांधी का अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की चौकसी पर कई सवाल खड़े कर दिए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज की और अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ युवक की सुरक्षित वापसी के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया तंत्र के जरिए पुलिस अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रख रही थी।
अपराधियों के दूसरे ठिकाने पर शिफ्ट होने की थी योजना
अनुसंधान के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अपहरणकर्ता युवक को वर्तमान ठिकाने से बदलकर किसी दूसरे जिले या राज्य में शिफ्ट करने की फिराक में हैं। पुलिस को अंदेशा था कि अगर अपराधी कैरव को कहीं दूर ले जाने में सफल हो जाते, तो उनकी बरामदगी और कठिन हो जाती। इसी सूचना पर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और राज्य के संभावित एग्जिट पॉइंट्स तथा प्रमुख राजमार्गों पर नाकेबंदी कर दी। विशेष टीमों ने संभावित मार्गों पर घात लगाकर निगरानी शुरू की और अपराधियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर उन्हें घेरना शुरू कर दिया।
पुलिसिया घेराबंदी के आगे टूटे अपहरणकर्ताओं के हौसले
एसएसपी के मुताबिक, पुलिस की लगातार बढ़ती सक्रियता और कड़ी घेराबंदी ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया। उन्हें अहसास हो गया था कि वे चारों तरफ से घिर चुके हैं और भागना मुमकिन नहीं है। पुलिस के इसी दबाव के आगे घुटने टेकते हुए बदमाशों ने कैरव गांधी को जीटी रोड पर चौपारण से बरही के बीच सुनसान सड़क किनारे छोड़ दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस की टीम, जो पहले से ही उस रूट पर सक्रिय थी, ने तत्काल कैरव को अपनी सुरक्षा में ले लिया। मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस टीम कैरव को लेकर जमशेदपुर स्थित उनके आवास पर पहुंची।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
हालांकि कैरव गांधी सुरक्षित घर लौट आए हैं, लेकिन इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एसएसपी पीयूष पाण्डेय ने साफ किया कि अभी तक किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस के पास कुछ पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। अपराधियों के ठिकानों की पहचान कर ली गई है और पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संदिग्ध इलाकों में दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द अपहरण कांड के मास्टरमाइंड और उनके सहयोगियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस पीड़ित के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।



