Invitation – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 16 जुलाई से शुरू होने वाली जगन्नाथपुर रथ यात्रा में होंगे शामिल
Invitation- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची में आयोजित होने वाले जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव में शामिल होने के लिए मिले औपचारिक आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के प्रतिनिधियों ने उनसे मुलाकात की और आगामी धार्मिक आयोजन में शामिल होने का अनुरोध किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहमति के साथ स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री को दी गई आयोजन की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को रथ यात्रा महोत्सव की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। समिति की ओर से बताया गया कि आयोजन की व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। साथ ही, उन्होंने इस महोत्सव से जुड़ी स्थानीय आस्था, परंपरा और जनभावनाओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समिति ने आग्रह किया कि मुख्यमंत्री उद्घाटन अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आयोजन की गरिमा बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने दी सफल आयोजन की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन राज्य की समृद्ध विरासत तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक मूल्यों के अनुरूप संपन्न होगा।
समिति के प्रतिनिधियों ने की शिष्टाचार भेंट
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष एन. एन. पांडे, प्रथम सेवक (सेवायत) ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, सचिव प्रसन्न कुमार, सदस्य गोपाल उपाध्याय, नीतू देवी, कमल ठाकुर और सहयोगी अमरदीप कौशल शामिल थे। प्रतिनिधियों ने आयोजन की रूपरेखा साझा करने के साथ प्रशासनिक सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
16 जुलाई से शुरू होगा महोत्सव
जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव का शुभारंभ 16 जुलाई 2026 से प्रस्तावित है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में शामिल होते हैं, जिसे झारखंड के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। इस बार भी महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।