Investment – झारखंड में औद्योगिक विकास और निवेश पर हुई अहम चर्चा
Investment – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और नई आर्थिक संभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और राज्य में निवेश माहौल को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।

प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष दिलू पारिख, टाटा स्टील कॉरपोरेट सर्विस के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदर रमन, सीआईआई ईस्टर्न रीजन के क्षेत्रीय निदेशक देव ज्योति और सीआईआई झारखंड हेड प्रभात कुमार मौजूद रहे। बैठक को राज्य में उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दावोस और ब्रिटेन यात्रा पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान सीआईआई प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को विश्व आर्थिक मंच के दावोस सम्मेलन में झारखंड की भागीदारी और यूनाइटेड किंगडम दौरे की सफलता पर बधाई दी। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए झारखंड को वैश्विक निवेश मंच पर नई पहचान मिली है।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि झारखंड में औद्योगिक विस्तार की अच्छी संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों के बीच राज्य की सकारात्मक छवि बनने को भी अहम उपलब्धि बताया।
औद्योगिक विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों के साथ-साथ मानव संसाधन के मामले में भी मजबूत राज्य है और यहां निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जिससे उद्योगों को जरूरी सुविधाएं समय पर मिल सकें और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त हों। उन्होंने उद्योग जगत से राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर साझा विचार
बैठक में झारखंड की औद्योगिक नीति और निवेश प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। सीआईआई प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि उद्योगों से जुड़े फैसलों में निजी क्षेत्र के अनुभव और तकनीकी ज्ञान का लाभ लिया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के साथ समन्वय बनाकर काम करने की इच्छा जताई और कहा कि उद्योग संगठन नीति निर्माण और निवेश बढ़ाने की प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने राज्य को पूर्वी भारत के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया।
रोजगार और निवेश को लेकर उम्मीद
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य में बुनियादी ढांचे और उद्योगों से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया गया, तो झारखंड आने वाले वर्षों में बड़े निवेश का केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक के बाद यह संकेत मिले कि सरकार और उद्योग जगत मिलकर राज्य में नई परियोजनाओं और निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर सकते हैं। उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने राज्य में सकारात्मक माहौल बनाए रखने की जरूरत पर भी बल दिया।