IEDBlast – सारंडा जंगल में विस्फोट, दो ग्रामीण गंभीर घायल
IEDBlast – पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक प्रेशर आईईडी विस्फोट में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना तिरीलपोशी जंगल की बताई जा रही है, जहां स्थानीय लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लकड़ी और पत्ते इकट्ठा करने गए थे। अचानक हुए धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

जंगल में दबे विस्फोटक की चपेट में आए ग्रामीण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जंगल की जमीन के भीतर दबाकर लगाए गए प्रेशर आईईडी पर जैसे ही एक ग्रामीण का पैर पड़ा, जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज दूर तक सुनी गई। विस्फोट इतना तीव्र था कि पास में मौजूद एक अन्य ग्रामीण भी उसकी चपेट में आ गया।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए घायलों को मौके से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और सुरक्षा बल
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल की टीम मौके पर रवाना हुई। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि विस्फोट अंधेरा होने के बाद हुआ। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि आसपास अन्य कोई विस्फोटक सामग्री न हो। जंगल के रास्तों और संवेदनशील इलाकों की गहन जांच की जा रही है।
नक्सल गतिविधियों की आशंका
पुलिस का मानना है कि यह घटना नक्सलियों द्वारा बिछाए गए विस्फोटक के कारण हुई है। एसपी ने इसे आम नागरिकों को निशाना बनाने की कायराना हरकत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य से यह स्पष्ट होता है कि उग्रवादी संगठन हताशा में आम लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी संगठन का नाम नहीं लिया है, लेकिन इलाके की पृष्ठभूमि को देखते हुए नक्सली गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों में भय का माहौल
घटना के बाद तिरीलपोशी और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल उनके जीवनयापन का प्रमुख स्रोत है, लेकिन वहां छिपे विस्फोटकों के कारण हर कदम जोखिम भरा हो गया है। कई लोगों ने प्रशासन से जंगल क्षेत्रों की नियमित जांच और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों की निरंतर मौजूदगी और सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षा बलों का कैंप, निगरानी जारी
फिलहाल सुरक्षा बलों ने इलाके में अस्थायी कैंप स्थापित कर स्थिति पर नजर बनाए रखी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल के भीतर आने-जाने वाले रास्तों की जांच की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से अपील की गई है कि संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और जंगल में जाते समय सतर्क रहें।