अंतर्राष्ट्रीय

ThaksinShinawatra – शाही माफी के बाद कानूनी दायित्वों से मुक्त हुए पूर्व थाई प्रधानमंत्री

ThaksinShinawatra – थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा ने अपनी सजा से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। शाही माफी लागू होने के बाद उनकी शेष पैरोल अवधि भी समाप्त कर दी गई, जिससे वे अब आधिकारिक रूप से अपनी सजा से जुड़े दायित्वों से मुक्त हो गए हैं। इस फैसले के बाद एक बार फिर देश की राजनीति में उनके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

लंबे समय से थाई राजनीति का प्रमुख चेहरा

76 वर्षीय थाकसिन शिनावात्रा पिछले दो दशकों से अधिक समय से थाईलैंड की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। कारोबारी दुनिया से राजनीति में आए थाकसिन ने व्यापक जनसमर्थन हासिल किया और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी लोकप्रियता लगातार बनी रही। हाल ही में उनकी रिहाई के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या वे भविष्य में भी अपनी राजनीतिक विरासत और प्रभाव को बनाए रखेंगे।

शाही आदेश से मिली राहत

राजा महा वाचिरालोंगकोन की ओर से जारी माफी आदेश मंगलवार देर रात रॉयल गजट में प्रकाशित किया गया, जो बुधवार से प्रभावी हो गया। थाईलैंड की संवैधानिक व्यवस्था के तहत राजा को दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को विशेष परिस्थितियों में माफी देने का अधिकार प्राप्त है। यह आदेश रानी सुतिदा के जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया और निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले कई दोषियों पर लागू हुआ।

थाकसिन इस राहत के पात्र माने गए क्योंकि उनकी सजा का शेष हिस्सा एक वर्ष से कम था और वे पहले से पैरोल पर थे। इसके परिणामस्वरूप उनकी पैरोल अवधि निर्धारित समय से पहले समाप्त कर दी गई।

निर्वासन से वापसी तक का राजनीतिक सफर

थाकसिन ने 1998 में अपनी राजनीतिक पार्टी की स्थापना की थी और वर्ष 2001 से 2006 तक थाईलैंड के प्रधानमंत्री रहे। हालांकि 2006 में सैन्य तख्तापलट के बाद उन्हें सत्ता से हटना पड़ा और वे लंबे समय तक देश से बाहर रहे। इसके बावजूद उनके समर्थक दल लगातार चुनावी राजनीति में सक्रिय बने रहे और कई बार सत्ता में भी लौटे।

उनकी नीतियों को विशेष रूप से ग्रामीण और कम आय वाले वर्गों में व्यापक समर्थन मिला। दूसरी ओर, उनके विरोधियों में शहरी अभिजात वर्ग, सेना और राजशाही समर्थक समूह शामिल रहे, जिसके कारण देश में लंबे समय तक राजनीतिक विभाजन की स्थिति बनी रही।

भ्रष्टाचार मामलों में हुई थी सजा

थाकसिन को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2023 में उन्हें आठ साल की सजा दी गई थी, जिसे बाद में शाही आदेश के जरिए घटाकर एक वर्ष कर दिया गया। उन्होंने अपनी सजा का अधिकांश हिस्सा चिकित्सा कारणों से बैंकॉक के एक पुलिस अस्पताल में बिताया।

11 मई को उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल की शर्तों के तहत उन्हें इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरण पहनना अनिवार्य था और कुछ कानूनी प्रतिबंधों का पालन करना पड़ता था।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि

थाकसिन के कानूनी प्रतिनिधि ने पुष्टि की है कि पूर्व प्रधानमंत्री अब अपनी सजा से जुड़े सभी कानूनी दायित्वों को पूरा कर चुके हैं। हालांकि निगरानी उपकरण हटाने और संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने में कुछ दिन लग सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही उनके सार्वजनिक जीवन और भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं, हालांकि उनके परिवार का कहना है कि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाना चाहते हैं।

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