QatarTalks – दोहा में कूटनीतिक बैठकों के बाद ईरान-अमेरिका संवाद पर बढ़ी उम्मीदें
QatarTalks – कतर की राजधानी दोहा में हाल के दिनों में हुई अलग-अलग कूटनीतिक बैठकों के बाद ईरान और अमेरिका के बीच संवाद की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता माजेद अल अंसारी के अनुसार, कतर और पाकिस्तान ने अमेरिकी तथा ईरानी प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग स्तर पर बातचीत की। इन चर्चाओं के दौरान 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर प्रगति दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि वार्ता आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी है।

कतर ने वार्ता को बताया रचनात्मक
माजेद अल अंसारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में कहा कि यह बातचीत लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन में हुई चर्चाओं के आधार पर आगे बढ़ाई गई। उनके अनुसार, सभी पक्षों ने संवाद बनाए रखने और लंबित विषयों पर आगे विचार करने की इच्छा जताई है। कतर ने लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और इस बैठक को भी उसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
दोहा बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा
ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि बैठक में लेबनान से जुड़े समझौतों के पालन को लेकर अमेरिका के रवैये पर ईरान ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके अलावा, कतर के अधिकारियों के साथ छह अरब अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता राशि के उपयोग पर भी चर्चा हुई। ईरानी पक्ष का कहना है कि आवश्यक जरूरतों के आधार पर जरूरी वस्तुओं की खरीद सुनिश्चित करने पर सहमति बनी, ताकि उनका उपयोग ईरान के नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने में किया जा सके।
ईरान से जुड़े दावे भी चर्चा में रहे
मूल जानकारी के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने जुलाई के पहले सप्ताह में पूर्व सर्वोच्च नेता की स्मृति से जुड़े कार्यक्रमों की योजना का उल्लेख किया। हालांकि, इस संबंध में किए गए कुछ दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी उनसे मेल नहीं खाती। ऐसे में इस विषय पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी सरकार का रुख दोहराया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण से जुड़ी प्रक्रिया सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। ट्रंप के अनुसार, हाल के घटनाक्रमों के बाद ईरान के रुख में बदलाव के संकेत मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर बनी हुई है नजर
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालिया तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, हाल के सैन्य घटनाक्रमों के बाद कूटनीतिक प्रयासों को गति मिली है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में दोहा और अन्य मंचों पर होने वाली वार्ताएं इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।