POK – रावलकोट की रैली में पाकिस्तान के दावों पर उठे नए सवाल
POK- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हाल के दिनों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच रावलकोट में आयोजित एक बड़ी रैली ने क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो और स्थानीय दावों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने पाकिस्तान के उस आधिकारिक रुख पर सवाल उठाए, जिसमें पीओके को लंबे समय से “आजाद कश्मीर” बताया जाता रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र की वास्तविक स्थिति इससे अलग है।

रावलकोट की रैली बनी चर्चा का केंद्र
सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में दावा किया गया है कि रावलकोट में आयोजित इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए। इन्हीं दावों का उल्लेख करते हुए सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने भी एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्षों से जिस विषय पर भारत अपना पक्ष रखता रहा है, अब उसी तरह की बातें पीओके के भीतर से भी सुनाई दे रही हैं। हालांकि रैली में शामिल लोगों की संख्या का स्वतंत्र रूप से आधिकारिक सत्यापन नहीं हुआ है।
जेएएसी नेता का बयान
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमान खान का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र नहीं बल्कि कब्जे वाला इलाका बताया जाना चाहिए और उनका दावा है कि यह कभी वास्तव में “आजाद” नहीं रहा। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लॉन्ग मार्च की घोषणा से बढ़ी हलचल
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद तक “लॉन्ग मार्च” निकालने का एलान किया है। संगठन का कहना है कि वह विधानसभा में सीटों के आरक्षण, बढ़ती महंगाई और स्थानीय लोगों के साथ कथित दमन जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रहा है। दूसरी ओर, पाकिस्तान प्रशासन पहले ही इस संगठन पर प्रतिबंध लगा चुका है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सुरक्षा बढ़ी, हालात पर नजर
रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। संभावित लॉन्ग मार्च को देखते हुए प्रशासन सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल आगामी घटनाक्रम इस आंदोलन की दिशा और उसके प्रभाव को तय करेंगे।