MiddleEastConflict – हमलों के बीच मोजतबा खामेनेई के घायल होने का दावा, तनाव बढ़ा
MiddleEastConflict – पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव अब और अधिक गंभीर रूप लेता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए जा रहे हमलों के बीच ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच यह संघर्ष अब दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव बेहद बढ़ गया है। इसी बीच इस्राइल की ओर से एक नया दावा सामने आया है, जिसके अनुसार हालिया हवाई हमले में ईरान के प्रभावशाली धार्मिक नेता और दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। हालांकि इस्राइली अधिकारियों का कहना है कि वह अभी जीवित हैं।

इस दावे के सामने आने के बाद क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं। मोजतबा खामेनेई को ईरान की सत्ता संरचना में एक महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है और उनका नाम लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारियों में शामिल रहा है।
संघर्ष के दसवें दिन भी जारी हमले
पिछले कई दिनों से पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियाँ तेज बनी हुई हैं। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए प्रतिक्रिया दे रहा है।
क्षेत्र के कई हिस्सों में हवाई हमलों और सुरक्षा अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र से लेकर लेवांत तक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं थमा तो इसका असर व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच इस्राइल की ओर से यह दावा सामने आया कि हाल के एक हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि इस बारे में ईरान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मोजतबा खामेनेई को लेकर उठे सवाल
इस्राइल के दावे के बीच मोजतबा खामेनेई को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ भी तेज हो गई हैं। ईरान के विपक्षी मीडिया चैनल ईरान इंटरनेशनल ने पहले दावा किया था कि उन्हें देश के अगले सर्वोच्च नेता के रूप में चुना जा चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की विशेषज्ञों की सभा ने उन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई का उत्तराधिकारी बनाने पर सहमति दी थी। हालांकि इस विषय पर आधिकारिक घोषणा को लेकर अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरुओं के बीच इस बात को लेकर सावधानी बरती जा रही है कि मौजूदा हालात में जल्दबाजी में कोई फैसला न लिया जाए। उनका मानना है कि यदि अभी किसी नए सर्वोच्च नेता की घोषणा की जाती है तो वह व्यक्ति अमेरिका और इस्राइल के संभावित निशाने पर आ सकता है।
इस्राइली सेना ने दी आगे कार्रवाई की चेतावनी
इस्राइली रक्षा बल के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डिफ्रिन ने हाल ही में एक बयान में बताया कि इस्राइल ने ईरान के कोम शहर में स्थित उस भवन को निशाना बनाया था, जहां 88 सदस्यों वाली विशेषज्ञों की सभा बैठती है। यही संस्था ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है।
डिफ्रिन के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य ईरान की नेतृत्व चयन प्रक्रिया को प्रभावित करना था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो इस्राइल ऐसे और हमले कर सकता है ताकि ईरान की राजनीतिक और सैन्य संरचना पर दबाव बनाया जा सके।
इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि नेतृत्व से जुड़े संस्थानों को निशाना बनाए जाने से हालात और संवेदनशील हो सकते हैं।
पूर्व सर्वोच्च नेता की मौत के बाद बढ़ा संकट
इस पूरे संघर्ष की पृष्ठभूमि उस घटना से जुड़ी है जिसमें ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि फरवरी के अंत में हुए संयुक्त हमलों के दौरान उन्हें निशाना बनाया गया था।
28 फरवरी से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में लगातार हमले हो रहे हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की इस श्रृंखला ने पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर स्थिति में पहुंचा दिया है।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से सैन्य गतिविधियाँ जारी हैं और किसी भी तरह के विराम के संकेत अभी नजर नहीं आ रहे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और कई देशों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता भी व्यक्त की है।



