LPGShortage – पश्चिम एशिया तनाव के बीच गैस आपूर्ति पर उठे सवाल
LPGShortage – पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के असर को लेकर देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की उपलब्धता पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ राज्यों में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने के दावे सामने आए हैं। मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से भी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। महाराष्ट्र विधानसभा में भी विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विधानसभा में विपक्ष ने उठाया गैस आपूर्ति का मुद्दा
महाराष्ट्र विधानसभा के भीतर इस विषय पर चर्चा उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य में घरेलू गैस की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार विकास की बात करती है, लेकिन आम लोगों के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उनके अनुसार, यदि गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर घरों में खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरतों पर पड़ सकता है।
वडेट्टीवार ने सरकार से यह भी पूछा कि यदि आपूर्ति में वास्तव में बाधा आ रही है तो उससे निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार स्थिति पर स्पष्ट जानकारी दे ताकि लोगों के बीच फैल रही आशंकाओं को दूर किया जा सके।
गैस आपूर्ति प्रभावित होने से कुछ होटल और दुकानें बंद
विपक्षी नेताओं का दावा है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई छोटे होटल और भोजनालयों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मुंबई के नरीमन पॉइंट क्षेत्र में कुछ होटल गैस उपलब्ध न होने की वजह से संचालन नहीं कर पाए।
वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि जब विधानसभा की कार्यवाही दोपहर तक चली, तब भी परिसर की कैंटीन बंद रही। उनके अनुसार, यह स्थिति गैस आपूर्ति में आ रही बाधाओं की ओर संकेत करती है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में लगभग 30 प्रतिशत होटल प्रभावित हुए हैं, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
काला बाजारी की आशंका भी जताई गई
कांग्रेस नेता ने यह भी चेतावनी दी कि यदि गैस की आपूर्ति में कमी लंबे समय तक बनी रहती है तो इससे काला बाजारी की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने हाल की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एलपीजी सिलेंडर ले जा रहा एक ट्रक चोरी हो गया था। बताया गया कि उस ट्रक में लगभग 18 लाख रुपये मूल्य के सिलेंडर थे।
वडेट्टीवार के मुताबिक इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सप्लाई चेन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने सरकार से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करने की बात कही
विपक्ष के आरोपों और चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि एलपीजी आपूर्ति का विषय मुख्य रूप से केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में गैस आपूर्ति को लेकर वास्तविक समस्या सामने आती है तो संबंधित विभागों के माध्यम से उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
पश्चिम एशिया के हालात से प्रभावित हुई आपूर्ति श्रृंखला
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है। ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़े टकराव और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
यह समुद्री मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि देश अपनी बड़ी मात्रा में एलपीजी जरूरतों को पूरा करने के लिए सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों से आयात पर निर्भर रहता है। अनुमान है कि भारत करीब 85 से 90 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी क्षेत्र से करता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति पर दबाव पड़ता है तो सरकार आम तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देती है। ऐसी स्थिति में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है, जिससे होटल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों पर असर पड़ सकता है।



