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IranSuccession – यह थी मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

IranSuccession – ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित कर दिया गया है। इस फैसले के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएँ तेज हो गई हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नियुक्ति पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि वह इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक टेलीविजन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान में ऐसा नेतृत्व होना चाहिए जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा दे।

ईरान में सर्वोच्च नेता का पद देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था का सबसे प्रभावशाली पद माना जाता है। इस पद पर बैठने वाला व्यक्ति सरकार, सेना और रणनीतिक नीतियों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रखता है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई का चयन केवल ईरान की घरेलू राजनीति ही नहीं बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नेतृत्व परिवर्तन पर अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के एंकर ब्रायन किल्मीड से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान द्वारा मोजतबा खामेनेई को सर्वोच्च नेता चुनना उन्हें स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा नेतृत्व उभरे जो टकराव के बजाय संवाद और शांति की दिशा में काम करे।

ट्रंप इससे पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से यह संकेत दे चुके हैं कि उन्हें खामेनेई परिवार से किसी उत्तराधिकारी को सत्ता मिलने पर आपत्ति है। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी मंजूरी के बिना कोई नया नेतृत्व लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। हालांकि, यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में काफी चर्चा का विषय बन गया था, क्योंकि किसी देश के आंतरिक नेतृत्व चयन में बाहरी हस्तक्षेप की बात कूटनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह प्रतिक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच पहले से मौजूद तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकती है।

ईरान में कैसे हुआ नए सुप्रीम लीडर का चयन

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। यह निर्णय ऐसे समय सामने आया है जब अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।

सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया ईरान में एक विशेष धार्मिक संस्था के माध्यम से होती है। इसे विशेषज्ञों की सभा कहा जाता है, जिसमें धार्मिक विद्वानों और वरिष्ठ नेताओं का समूह शामिल होता है। यही संस्था देश के सर्वोच्च नेता का चुनाव करती है।

मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि अब जाकर हुई है। सरकारी बयान में कहा गया कि उन्हें व्यापक समर्थन के आधार पर चुना गया है और देश के लोगों से नए नेतृत्व के पीछे एकजुट रहने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों की सभा की भूमिका

ईरान की 88 सदस्यीय विशेषज्ञ सभा इस पूरे चयन प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाती है। यह संस्था धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से प्रभावशाली मानी जाती है। इसी सभा के सदस्य सुप्रीम लीडर के चयन, निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर पद से हटाने का अधिकार रखते हैं।

सरकारी प्रसारण में पढ़े गए बयान के अनुसार, सभा ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति बनाई। घोषणा के साथ ही तेहरान सहित कई शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के जश्न मनाने की तस्वीरें भी प्रसारित की गईं।

ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद से यह केवल दूसरी बार है जब सर्वोच्च नेता के पद पर सत्ता का हस्तांतरण हुआ है। इससे पहले अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के बाद अली खामेनेई ने यह पद संभाला था।

मोजतबा खामेनेई की पृष्ठभूमि और भूमिका

मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता व्यवस्था के भीतर प्रभावशाली माने जाते रहे हैं, हालांकि उन्होंने कभी किसी सरकारी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा। न ही उन्हें पहले किसी औपचारिक सरकारी पद पर नियुक्त किया गया था।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वह पर्दे के पीछे रहकर सत्ता के कई महत्वपूर्ण फैसलों में प्रभाव रखते थे। विशेष रूप से ईरान के शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड और धार्मिक प्रतिष्ठान के साथ उनके करीबी संबंधों की चर्चा होती रही है।

अब सुप्रीम लीडर बनने के बाद मोजतबा खामेनेई देश की सत्ता संरचना के केंद्र में होंगे। इस पद के साथ उन्हें सेना, रिवोल्यूशनरी गार्ड और अन्य अर्धसैनिक बलों का सर्वोच्च कमांडर माना जाएगा। साथ ही विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक फैसलों पर अंतिम अधिकार भी उन्हीं के पास होगा।

मध्य पूर्व की राजनीति पर संभावित असर

ईरान में नेतृत्व परिवर्तन का असर केवल देश की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहता। मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीति में ईरान की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में नया नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता की नीतियों को किस हद तक आगे बढ़ाते हैं या किसी नई दिशा की ओर कदम बढ़ाते हैं। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें तेहरान पर टिकी हुई हैं।

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