Iran – हत्या की साजिश की खबरों पर ट्रंप का जवाब, ईरान को दी कड़ी चेतावनी…
Iran- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि इस्राइल ने अमेरिका को ईरान की ओर से उनकी हत्या की कथित साजिश के बारे में खुफिया जानकारी दी थी। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि यदि उनके खिलाफ किसी प्रकार का हमला होता है, तो उसके जवाब में अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कठोर होगी। उनके अनुसार, इस संबंध में पहले से आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान के निशाने पर होने की बात सुनते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो अमेरिका की ओर से ऐसा जवाब दिया जाएगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप का कहना था कि इस संबंध में आवश्यक रणनीतिक निर्देश पहले ही संबंधित एजेंसियों को दिए जा चुके हैं।
रिपोर्टों में क्या किया गया था दावा?
हाल के दिनों में कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट प्रकाशित की थीं, जिनमें दावा किया गया कि इस्राइली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान कथित तौर पर ट्रंप को निशाना बनाने की नई योजना पर काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अमेरिकी एजेंसियों की ओर से सार्वजनिक रूप से नहीं की गई थी।
बातचीत जारी रखने की भी कही बात
इन रिपोर्टों के बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्धविराम की अवधि समाप्त होने की जानकारी दिए जाने के बाद भी अमेरिका, ईरान के साथ संवाद की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं मानता। उन्होंने संकेत दिया कि कूटनीतिक संपर्क जारी रह सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अमेरिका किसी भी खतरे को गंभीरता से लेता रहेगा।
सोशल मीडिया पर दी कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ किसी प्रकार की जानलेवा कार्रवाई की जाती है, तो अमेरिका व्यापक सैन्य जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर की कार्रवाई की जा सकती है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल इस्राइल की ओर से कथित खुफिया जानकारी को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, अमेरिकी प्रशासन ने भी इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में मामला अभी दावों और बयानों के स्तर पर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका, ईरान और इस्राइल की आगे की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं पर बनी हुई है।