FATF – पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में लाने की तैयारी, भारत जुटा रहा साक्ष्य
FATF – अक्टूबर में प्रस्तावित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की पूर्ण बैठक से पहले भारत पाकिस्तान को दोबारा ग्रे लिस्ट में शामिल कराने की दिशा में प्रयास तेज कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारत आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े विभिन्न सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो, दृश्य सामग्री और अन्य साक्ष्यों का हवाला देकर यह तर्क रख सकता है कि पाकिस्तान को लेकर अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सख्त किए जाने की आवश्यकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय FATF के सदस्य देशों की सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

ग्रे लिस्ट में शामिल होने का क्या प्रभाव पड़ता है
FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल देशों पर संस्था की ओर से लगातार निगरानी रखी जाती है। ऐसे देशों को मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध वित्तीय गतिविधियों से निपटने के लिए अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करना होता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और वैश्विक निवेशकों के बीच उनकी विश्वसनीयता भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि किसी देश का इस सूची में शामिल होना आर्थिक और वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत किन आधारों का दे सकता है हवाला
जानकारी के अनुसार, भारत उन सार्वजनिक वीडियो और तस्वीरों का उल्लेख कर सकता है जो हाल के घटनाक्रमों के दौरान सामने आए थे। इनमें कथित तौर पर कुछ ऐसे दृश्य शामिल हैं, जिनमें पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी और आतंकवाद से जुड़े आरोपों के संदर्भ में विभिन्न गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा ऐसे वीडियो भी चर्चा में रहे हैं जिनमें कथित रूप से आतंकी संगठनों के लिए आर्थिक सहयोग की अपील दिखाई देती है। इन सामग्रियों की प्रासंगिकता और स्वीकार्यता पर अंतिम निर्णय FATF की समीक्षा प्रक्रिया के दौरान ही होगा।
FATF की भूमिका क्यों अहम मानी जाती है
FATF एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण, अवैध हथियारों के कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ वैश्विक मानक तय करती है। यह सदस्य देशों की व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा करती है और आवश्यक सुधारों के लिए सिफारिशें जारी करती है। संस्था का उद्देश्य वैश्विक वित्तीय प्रणाली को अवैध धन के दुरुपयोग से सुरक्षित रखना है।
पाकिस्तान की स्थिति और भारत का पक्ष
पाकिस्तान वर्ष 2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा था और बाद में आवश्यक शर्तें पूरी करने के बाद उसका नाम सूची से हटाया गया। इसके बावजूद FATF और एशिया/पैसिफिक ग्रुप ऑन मनी लॉन्ड्रिंग (APG) की निगरानी प्रक्रिया जारी है। हाल ही में विवेक अग्रवाल को FATF का उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद भारत ने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने भी FATF की भूमिका का समर्थन करते हुए कहा कि यह संस्था वैश्विक वित्तीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं, पाकिस्तान पहले भी FATF की कार्यप्रणाली को लेकर आपत्तियां दर्ज कर चुका है। आने वाली बैठक में इस मुद्दे पर सदस्य देशों की चर्चा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी रहेगी