CyberAttack – पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर संदिग्ध हैकिंग से हड़कंप
CyberAttack – ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की हत्या के बाद पश्चिम एशिया ही नहीं, दक्षिण एशिया में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, जिनमें हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। इसी बीच देश के प्रमुख टीवी चैनलों ने दावा किया है कि उनके प्रसारण में संदिग्ध दखल दिया गया। चैनलों का कहना है कि उनकी स्क्रीन पर अनजान संदेश प्रसारित हुए, जिससे कुछ समय के लिए प्रसारण बाधित हो गया।

टीवी स्क्रीन पर उभरे आपत्तिजनक संदेश
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो न्यूज, एआरवाई न्यूज और अन्य प्रमुख चैनलों के प्रसारण के दौरान अचानक उर्दू में लिखे संदेश दिखाई देने लगे। इन संदेशों में पाकिस्तान की सेना के एक धड़े पर गंभीर आरोप लगाए गए थे और दर्शकों से विरोध करने की अपील की गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि संदेश के अंत में इजरायल की खुफिया एजेंसी का नाम लिखा था। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
चैनलों ने जारी किया स्पष्टीकरण
जियो न्यूज प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि पिछले 24 घंटों में कई बार उनके सिस्टम में घुसपैठ की कोशिश की गई। चैनल का संचालन PAKSAT सैटेलाइट के माध्यम से होता है और तकनीकी टीम लगातार समस्या की जांच कर रही है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि प्रसारित संदेशों से उनका कोई संबंध नहीं है।
जियो न्यूज के मैनेजिंग एडिटर ने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अन्य चैनलों ने भी इसी तरह के बयान जारी करते हुए दर्शकों से अपील की कि वे भ्रामक संदेशों पर भरोसा न करें।
कराची में प्रदर्शन और हिंसा
ईरान की घटनाओं के विरोध में पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कई लोगों की मौत और अनेक के घायल होने की खबर है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आधिकारिक बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के मानकों के खिलाफ है। उन्होंने ईरान की जनता के प्रति संवेदना जताई और क्षेत्र में शांति की अपील की।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी बयान जारी कर ईरान के प्रति समर्थन व्यक्त किया और मौजूदा हालात को चिंताजनक बताया। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
टीवी चैनलों के प्रसारण में कथित हस्तक्षेप ने पाकिस्तान में साइबर सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में मीडिया नेटवर्क और सैटेलाइट सिस्टम को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। यदि प्रसारण प्रणाली में सेंध लगती है, तो इसका असर केवल सूचना प्रवाह पर ही नहीं बल्कि जनभावनाओं पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि संदेश किस स्रोत से प्रसारित हुए, लेकिन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सूचना तंत्र की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।



