Cambodia Thailand Border Ceasefire Agreement: कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर गूंजी शांति की दस्तक, ट्रंप के दावे ने बटोरी चर्चा
Cambodia Thailand Border Ceasefire Agreement: दक्षिण-पूर्व एशिया के दो महत्वपूर्ण देशों, कंबोडिया और थाईलैंड के बीच लंबे समय से जारी सीमा संघर्ष में आखिरकार शांति की एक किरण दिखी है। शनिवार दोपहर 12 बजे से दोनों देशों ने ‘सीजफायर’ यानी युद्धविराम लागू करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। (Ceasefire at Cambodia Thailand Border) का यह निर्णय उस समय आया जब दोनों देशों के बीच हिंसा ने भयावह रूप ले लिया था। इस संघर्ष में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब पांच लाख लोग अपने घरों से विस्थापित होकर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भटक रहे थे।

जीबीसी बैठक और शांति की साझा प्रतिबद्धता
युद्धविराम का यह बड़ा फैसला प्रुम-बन पाक कार्ड अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी पर हुई ‘तीसरी विशेष सीमा समिति’ (GBC) की बैठक में लिया गया। इस उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों ने माना कि विवादों का समाधान युद्ध से नहीं बल्कि (Mutual Respect and Honesty) के साथ बातचीत से ही संभव है। बैठक में संयुक्त राष्ट्र और आसियान चार्टर के सिद्धांतों का पालन करने पर सहमति बनी ताकि भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनी रहे और निर्दोष नागरिकों को और नुकसान न उठाना पड़े।
डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावे की हकीकत
इस शांति समझौते के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया दावे ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। ट्रंप ने कहा था कि वह केवल एक फोन कॉल करके इस संघर्ष को रुकवा सकते हैं। उन्होंने (Donald Trump Peace Mediation Claim) के माध्यम से अपनी ‘पीस थ्रू स्ट्रेंथ’ वाली नीति को सही ठहराया। हालांकि सीजफायर का फैसला द्विपक्षीय वार्ता के बाद हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव और ट्रंप के बयान ने इस मुद्दे को वैश्विक पटल पर जरूर ला दिया था।
युद्धविराम की प्रमुख शर्तें और भविष्य की योजनाएं
शांति समझौते के तहत दोनों देशों ने सभी प्रकार के घातक हथियारों के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने पर सहमति जताई है। नागरिक इमारतों और सैन्य ठिकानों पर किसी भी तरह का हवाई या जमीनी हमला नहीं किया जाएगा। (Joint Mine Clearing Operations) के तहत दोनों देश ओटावा कन्वेंशन का पालन करते हुए सीमा क्षेत्र से लैंडमाइन्स हटाने का काम भी मिलकर करेंगे। इसके साथ ही साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसे सीमा पार अपराधों पर नकेल कसने के लिए सहयोग बढ़ाया जाएगा।
कंबोडियाई सैनिकों की वापसी और आसियान की भूमिका
विश्वास बहाली के पहले कदम के तौर पर, कंबोडिया के 18 सैनिकों को 72 घंटे की शांति के बाद थाईलैंड द्वारा वापस लौटाया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता कंबोडिया के रक्षामंत्री जनरल टी सीहा और थाईलैंड के रक्षामंत्री जनरल नटाफॉन नार्कफानिट ने की। इस (Regional Stability in Southeast Asia) को सुनिश्चित करने के लिए आसियान के निरीक्षकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उम्मीद की जा रही है कि यह समझौता केवल एक अस्थायी युद्धविराम न होकर, एक स्थायी शांति समझौते की शुरुआत साबित होगा।



