अंतर्राष्ट्रीय

BorderTension – नेपाल के सीमावर्ती जिलों में बढ़ा सांप्रदायिक तनाव, कड़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था

BorderTension– नेपाल के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बीते कुछ दिनों से सांप्रदायिक तनाव लगातार गहराता जा रहा है। शुरुआत सुनसारी जिले के एक स्थानीय विवाद से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते इसका असर कई अन्य जिलों तक पहुंच गया। प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कई संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लागू किया है, जबकि सुरक्षा बल लगातार फ्लैग मार्च और निगरानी अभियान चला रहे हैं। भारत से सटे क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।

स्थानीय विवाद के बाद बिगड़े हालात

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तनाव की शुरुआत सुनसारी जिले के देवानगंज क्षेत्र में धार्मिक प्रतीकों और सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ध्वनि व्यवस्था को लेकर हुए विवाद से हुई। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति हिंसक हो गई और पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात पर नियंत्रण के प्रयास के दौरान पुलिस की कार्रवाई में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए। इसी घटना के बाद प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया।

हिंसा का दायरा कई जिलों तक पहुंचा

सुनसारी के बाद तनाव सिराहा और धनुषा समेत अन्य जिलों तक फैल गया। सिराहा के गोलबाजार क्षेत्र में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अब तक लगभग दो लोगों की जान जा चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में स्थानीय नागरिकों के साथ नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा और निगरानी

हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जांच की मांग

नेपाल में इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने सरकार की संकट प्रबंधन क्षमता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ सांसदों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बल प्रयोग की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच कराने की बात कही है। वहीं, विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है।

भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ी सतर्कता

तनावग्रस्त इलाके भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश से लगती नेपाल सीमा के करीब स्थित हैं। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। दोनों देशों के बीच पारिवारिक, सामाजिक और व्यावसायिक संबंध लंबे समय से जुड़े रहे हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्र में समन्वय के साथ स्थिति की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

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