स्वास्थ्य

KidneyStone – क्या बीयर से सच में निकलती है पथरी?

KidneyStone – किडनी स्टोन की समस्या आज के समय में तेजी से बढ़ रही है और यह किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं रही। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और पर्याप्त पानी न पीने की आदत के कारण बच्चों और युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। नेशनल किडनी फाउंडेशन के अनुसार, लगभग हर दस में से एक व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। ज्यादातर मामलों में यह स्थिति उपचार से नियंत्रित हो जाती है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो जटिलताएं बढ़ सकती हैं।

किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया क्या है

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब पेशाब में मौजूद कैल्शियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड या अन्य खनिज तत्व आपस में मिलकर सख्त क्रिस्टल बना लेते हैं, तो धीरे-धीरे पथरी का रूप ले लेते हैं। शुरुआत में ये बेहद छोटे कण होते हैं, लेकिन समय के साथ आकार बढ़ सकता है।

सबसे आम कारण पर्याप्त पानी न पीना है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद खनिज आसानी से जमा होकर स्टोन बना सकते हैं। अधिक नमक, अत्यधिक प्रोटीन, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे पालक और चॉकलेट, साथ ही प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन भी जोखिम बढ़ाता है। मोटापा, डायबिटीज और अन्य मेटाबोलिक समस्याएं भी इस स्थिति से जुड़ी पाई गई हैं।

इलाज के सामान्य तरीके

यूरोलॉजिस्टों के अनुसार, छोटे आकार की पथरी कई बार ज्यादा पानी पीने से स्वाभाविक रूप से बाहर निकल जाती है। ऐसे मामलों में दर्द नियंत्रित करने और स्टोन के आकार को कम करने के लिए दवाएं दी जाती हैं।

हालांकि, यदि पथरी का आकार बड़ा हो या वह पेशाब के रास्ते में रुकावट पैदा करे, तो सर्जिकल प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर उपचार जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक पथरी रहने से किडनी की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है।

बीयर को लेकर फैली धारणा

समाज में यह धारणा प्रचलित है कि बीयर पीने से पेशाब ज्यादा बनता है और इससे पथरी आसानी से निकल जाती है। कई लोग इसे घरेलू उपाय की तरह सुझाते हैं। लेकिन विशेषज्ञ इस दावे को वैज्ञानिक आधार पर सही नहीं मानते।

डॉक्टरों के अनुसार, बीयर में मौजूद अल्कोहल अस्थायी रूप से यूरिन प्रोडक्शन बढ़ा सकता है, लेकिन यह शरीर को डिहाइड्रेट भी कर सकता है। डिहाइड्रेशन खुद किडनी स्टोन बनने का एक प्रमुख कारण है। ऐसे में बीयर को समाधान मानना उचित नहीं है।

डॉक्टरों की स्पष्ट राय

चिकित्सकों का कहना है कि छोटे, लगभग 5 मिलीमीटर से कम आकार के स्टोन कभी-कभी अधिक तरल लेने से बाहर निकल सकते हैं। लेकिन बड़े आकार की पथरी के लिए यह तरीका कारगर नहीं होता, क्योंकि पेशाब की नली का व्यास सीमित होता है।

यदि किसी व्यक्ति को तेज दर्द हो या पेशाब रुकने की समस्या हो, तो बीयर पीना स्थिति को और जटिल बना सकता है। अधिक यूरिन बनने के बावजूद यदि रास्ता अवरुद्ध है, तो दर्द और बढ़ सकता है। इसके अलावा बीयर में प्यूरीन तत्व पाया जाता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है और कुछ प्रकार की पथरी के जोखिम को बढ़ा सकता है।

सही कदम क्या हो

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किडनी स्टोन के लक्षण दिखने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार अपनाना और नियमित जांच करवाना इस समस्या से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं।

बीयर या किसी भी अल्कोहलिक पेय को उपचार का विकल्प मानना वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय प्रमाणित चिकित्सा सलाह के आधार पर ही लिए जाने चाहिए।

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