Hantavirus – चूहों से फैलने वाले संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी
Hantavirus – दुनिया के कई हिस्सों में हंतावायरस संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। हाल ही में अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज शिप एमवी होंडियस पर संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस जहाज पर संक्रमण फैलने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री बीमार बताए जा रहे हैं। अब विशेषज्ञ लोगों को इस वायरस से बचाव को लेकर जागरूक कर रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर लगभग 150 यात्री और क्रू सदस्य मौजूद थे। संक्रमण की जानकारी मिलने के बाद कुछ यात्री सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग उन लोगों की पहचान और निगरानी में जुट गया है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।
चूहों से फैलता है यह खतरनाक वायरस
विशेषज्ञों का कहना है कि हंतावायरस कोई नया संक्रमण नहीं है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों, गिलहरियों और अन्य कृंतक जीवों के जरिए फैलता है। संक्रमित जानवरों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से इंसान संक्रमित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य एजेंसियों के मुताबिक, यह खतरा केवल जंगली चूहों तक सीमित नहीं है। पालतू चूहों से भी संक्रमण फैलने के मामले पहले सामने आ चुके हैं। खासकर ऐसे घरों, गोदामों और बंद जगहों में जोखिम ज्यादा होता है, जहां लंबे समय तक सफाई नहीं होती या चूहों का आना-जाना बना रहता है।
घरों में भी बरतनी होगी सावधानी
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि घर में चूहों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। स्टोर रूम, पुराने फर्नीचर, बंद कमरे और गंदगी वाली जगहों पर वायरस फैलने की आशंका अधिक रहती है। सफाई के दौरान वायरस के कण हवा में फैल सकते हैं और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि बीते वर्षों में हंतावायरस के कई मामले पालतू चूहों से जुड़े पाए गए थे। हालांकि ऐसे मामले कम हैं, लेकिन संक्रमण का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं माना जाता।
अलग-अलग देशों में अलग स्ट्रेन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हंतावायरस के कई प्रकार पाए जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में चूहों की प्रजातियों के आधार पर वायरस का स्ट्रेन भी बदल जाता है। यूरोप में सियोल स्ट्रेन अधिक पाया जाता है, जबकि अमेरिका में इसके अन्य प्रकार देखे जाते हैं।
एमवी होंडियस जहाज पर पाए गए संक्रमण को एंडीज स्ट्रेन बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्ट्रेन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, इसलिए इसे लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
विशेषज्ञों ने बताए बचाव के उपाय
साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. माइकल हेड के मुताबिक, सफाई करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जहां चूहों के निशान दिखाई दें, वहां सूखी सफाई करने से बचना चाहिए। पहले पानी या कीटाणुनाशक का छिड़काव करना चाहिए ताकि वायरस हवा में न फैले।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सफाई के दौरान दस्ताने, मास्क और आंखों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स का इस्तेमाल करना चाहिए। संक्रमण नाक, आंख और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।
शुरुआती लक्षण को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों के अनुसार, हंतावायरस संक्रमण की शुरुआत सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों से हो सकती है। बुखार, शरीर दर्द, थकान और सांस लेने में दिक्कत इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी पर असर डाल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने, चूहों पर नियंत्रण रखने और किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।