SonamWangchuk – भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक के समर्थन में उतरे कई फिल्मी सितारे
SonamWangchuk- दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। उनकी बिगड़ती सेहत के बीच फिल्म और कला जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से समर्थन व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की है और सरकार से आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर संवाद शुरू करने का आग्रह किया है।

जीनत अमान ने बातचीत की अपील की
वरिष्ठ अभिनेत्री जीनत अमान ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक की तस्वीर साझा करते हुए एक भावनात्मक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता अपनाया जाए और समाधान खोजने की दिशा में पहल की जाए।
कई कलाकारों ने जताई चिंता
टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने भी सोशल मीडिया के जरिए वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें देशहित में आवाज उठाने वाला व्यक्ति बताते हुए उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। अभिनेता ओमी वैद्य ने भी एक वीडियो संदेश साझा कर लोगों से अपील की कि वे वांगचुक की स्थिति और उनके उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से देखें। गायिका और वॉइस आर्टिस्ट चिन्मयी श्रीपदा ने भी उम्मीद जताई कि वांगचुक जल्द अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें।
शबाना आजमी समेत कई हस्तियों ने की अपील
अभिनेत्री शबाना आजमी ने कहा कि समाज को ऐसी आवाजों की आवश्यकता है जो महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों को सामने लाती हैं। उन्होंने भी वांगचुक से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। अभिनेत्री सोनी राजदान ने भी इसी तरह का संदेश साझा किया। इसके अलावा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री जयती घोष सहित कई प्रमुख हस्तियों ने संयुक्त रूप से अपील जारी कर वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया तथा संबंधित मुद्दों पर गंभीर संवाद की आवश्यकता बताई।
आंदोलन का मुद्दा क्या है?
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में शामिल संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी बताई जा रही है। आंदोलनकारी हाल के समय में NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी परीक्षाओं से जुड़े विवादों तथा कथित पेपर लीक मामलों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन घटनाओं से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
28 जून से जारी है अनिश्चितकालीन अनशन
लद्दाख के इंजीनियर, नवाचार विशेषज्ञ और शिक्षा सुधारों से जुड़े सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वे रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित हैं और शिक्षा एवं पर्यावरण से जुड़े कार्यों के लिए जाने जाते हैं। वांगचुक का कहना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।