Relocation – बेटे की ट्रेनिंग के लिए दुबई पहुंचे आर माधवन, भारत से जुड़ाव बरकरार
Relocation- अभिनेता आर माधवन ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान बताया कि उनका परिवार दुबई क्यों शिफ्ट हुआ और इस फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह उनके बेटे वेदांत का खेल करियर था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी स्थायी बदलाव की सोच से नहीं, बल्कि बेटे की बेहतर ट्रेनिंग और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेश में रहने के बावजूद उनका भारत से रिश्ता पहले जैसा ही मजबूत है।’

कोविड के दौरान बदली परिस्थितियां
माधवन ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान खेल गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। उस समय भारत में कई स्विमिंग पूल बंद हो गए थे, जिससे वेदांत की नियमित ट्रेनिंग बाधित होने लगी। चूंकि वह अपने करियर के महत्वपूर्ण दौर में था, इसलिए परिवार ने ऐसे स्थान की तलाश शुरू की, जहां अभ्यास बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सके। इसी दौरान उनकी पत्नी सरिता को जानकारी मिली कि दुबई में खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बेटे के भविष्य को देखते हुए लिया फैसला
अभिनेता के अनुसार, अगस्त 2020 में उनकी पत्नी सरिता वेदांत के साथ दुबई चली गईं ताकि उसकी तैयारी प्रभावित न हो। कुछ समय बाद भारत में जरूरी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद वह भी परिवार के साथ जुड़ गए। माधवन ने कहा कि यह फैसला वेदांत के लिए काफी लाभदायक साबित हुआ। दुबई में लगातार अभ्यास करने का अवसर मिलने के बाद उसने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक हासिल किए। उन्होंने उन अवसरों के लिए दुबई का आभार भी जताया, जिन्होंने उनके बेटे के खेल सफर को नई दिशा दी।
भारत से भावनात्मक रिश्ता आज भी कायम
विदेश में रहने के बावजूद आर माधवन ने कहा कि उनकी पहचान सबसे पहले एक भारतीय के रूप में है। उनके अनुसार, भारत की संस्कृति, त्योहार, सामाजिक माहौल और लोगों के बीच अपनापन ऐसी बातें हैं जिनकी तुलना किसी दूसरे देश से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि व्यक्ति दुनिया के किसी भी हिस्से में रहे, लेकिन अपनी जड़ों और देश से जुड़ाव हमेशा बना रहता है।
काम और जिम्मेदारियां अब भी भारत में
माधवन ने यह भी बताया कि उनका अधिकांश पेशेवर काम आज भी भारत में ही होता है। उन्होंने कहा कि उनके अधिकतर प्रोजेक्ट भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े हैं और उनके कर संबंधी सभी दायित्व भी भारत में ही पूरे होते हैं। अभिनेता के मुताबिक, साल का लगभग आधा समय वह फिल्मों की शूटिंग में बिताते हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि भारतीय सेना के अधिकारी के परिवार में मिली परवरिश ने उन्हें अनुशासन, जिम्मेदारी और देश के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों को जीवनभर अपनाने की सीख दी।