MoneyLaunderingCase – जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर सुनवाई से अलग हुए जज
MoneyLaunderingCase – 200 करोड़ रुपये से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अभिनेत्री ने अपने खिलाफ आरोप तय करने संबंधी दिल्ली की निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने स्वयं को कार्यवाही से अलग कर लिया, जिसके बाद अब यह मामला किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान आया नया मोड़
गुरुवार को मामले की सुनवाई जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ के समक्ष होनी थी। कार्यवाही शुरू होते ही अदालत ने दोनों पक्षों को जानकारी दी कि मामले को किसी दूसरी पीठ के पास भेजा जाएगा। इस दौरान अभिनेत्री की ओर से पेश वकील और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जस्टिस मिश्रा ने बताई वजह
सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने स्वयं को इस मामले से अलग करने का कारण भी स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इससे जुड़े एक अन्य मामले में उनके पुत्र ने सरकार की ओर से पक्ष रखा था। इसी वजह से उन्होंने इस प्रकरण की सुनवाई से अलग रहने का निर्णय लिया।
न्यायिक परंपराओं और निष्पक्षता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अदालतों में ऐसे कदम समय-समय पर उठाए जाते हैं, ताकि किसी भी पक्ष को निष्पक्ष सुनवाई को लेकर कोई संदेह न रहे।
दूसरी पीठ के समक्ष होगी सुनवाई
अदालत ने निर्देश दिया कि मामले को 25 जून को ऐसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसमें वर्तमान पीठ का कोई सदस्य शामिल न हो। अब आगे की सुनवाई नई बेंच द्वारा की जाएगी, जो याचिका से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी।
इस घटनाक्रम के बाद मामले की अगली प्रक्रिया नई न्यायिक पीठ के गठन और सुनवाई की तारीख के अनुसार आगे बढ़ेगी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण से संबंधित है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान इस मामले में कई नाम सामने आए थे, जिनमें अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी शामिल है। इसी क्रम में दिल्ली की एक अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
अभिनेत्री ने इसी आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनका कहना है कि मामले में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई और आरोपों की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए।
अगली तारीख पर रहेगी नजर
अब सभी की निगाहें 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। नई पीठ यह तय करेगी कि अभिनेत्री की याचिका पर आगे किस प्रकार सुनवाई की जाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और केवल सुनवाई की प्रक्रिया से संबंधित निर्णय लिया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का विशेष महत्व होता है और अंतिम निर्णय अदालत में प्रस्तुत तथ्यों व दलीलों के आधार पर ही लिया जाता है।