Grammy – दलाई लामा ने 90 वर्ष की आयु में संगीत जगत में किया इतिहास
Grammy – नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाई लामा ने अपनी 90वीं वर्षगांठ पर एक अनोखी उपलब्धि दर्ज की। उनके एल्बम ‘Meditations: The Reflections of His Holiness the Dalai Lama’ को बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेटर और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह न केवल उनके लिए बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत और कला के लिए भी गर्व का क्षण है। इस एल्बम में सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटे अमान अली बंगश व अयान अली बंगश ने संगीत योगदान दिया।

उस्ताद अमजद अली खान की प्रतिक्रिया
इस ऐतिहासिक जीत पर उस्ताद अमजद अली खान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दलाई लामा के साथ इस एल्बम पर काम करना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि दलाई लामा का संदेश—शांति, करुणा और आशा—सिर्फ संगीत को ही नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन को भी प्रेरित करता है। उस्ताद ने अपने बेटों के साथ इस सम्मान को साझा करने का अनुभव बेहद खास बताया।
बेटों की भावनाएँ और अनुभव
अमान अली बंगश ने कहा कि दलाई लामा के विचारों को संगीत में महसूस करना उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और दिल को छू लेने वाला अनुभव रहा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में अपने सहयोगी कबीर सहगल का योगदान भी याद किया और इसे जीवन का एक अनमोल पल बताया। वहीं, अयान अली बंगश ने कहा कि कई कलाकारों के साथ मिलकर उन्होंने दलाई लामा के विचारों को संगीतमय रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की। उन्होंने उन सभी कलाकारों का धन्यवाद किया, जिन्होंने अपनी आवाज और रचनात्मकता के साथ इस परियोजना को जीवंत बनाया।
दलाई लामा का आभार
दलाई लामा ने इस सम्मान पर आभार व्यक्त किया और कहा कि यह ग्रैमी पुरस्कार केवल उनके प्रयास का नहीं, बल्कि उन सभी कलाकारों और संगीतकारों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने इस परियोजना में योगदान दिया। उन्होंने यह भी साझा किया कि यह एल्बम दर्शकों और श्रोताओं तक शांति और सकारात्मक संदेश पहुँचाने का एक माध्यम है।
भारतीय संगीत और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभाव
इस जीत के साथ भारत का शास्त्रीय संगीत और इसकी विरासत अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान बनाने में सफल हुई है। दलाई लामा और उस्ताद अमजद अली खान का यह सहयोग कला, आध्यात्म और संगीत के संगम का प्रतीक बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना दर्शाती है कि संगीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक जागरूकता को भी बढ़ाने का जरिया हो सकता है।
समापन विचार
दलाई लामा की 90 वर्ष की आयु में यह ग्रैमी जीत न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय शास्त्रीय संगीत के लिए भी एक गौरवशाली क्षण है। इस एल्बम ने साबित किया कि संगीत और आध्यात्मिक संदेश मिलकर दुनिया भर के लोगों को प्रेरित कर सकते हैं।



