ElectionRally – पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति को नई धार दे दी। अपने भाषण में उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि राज्य में बदलाव का माहौल बन चुका है। शाह ने कहा कि जनता अब परिवर्तन चाहती है और आगामी चुनाव में इसका असर साफ दिखाई देगा। उन्होंने बीरभूम की सभी सीटों पर समर्थन देने की अपील करते हुए इसे निर्णायक चुनाव बताया।

टीएमसी पर सीधा हमला और जनता से अपील
रैली के दौरान अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में डर और हिंसा की राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी से जुड़े तत्वों द्वारा लोगों में भय का माहौल बनाया गया है, लेकिन अब मतदाता इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए तैयार हैं। शाह ने लोगों से मतदान के जरिए जवाब देने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता के वोट में होती है।
कटमनी और सिंडिकेट पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में शाह ने राज्य में कथित तौर पर चल रहे कटमनी और सिंडिकेट व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है, जिससे जनता परेशान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि सत्ता परिवर्तन होता है, तो इस तरह की व्यवस्थाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।
विकास और कानून व्यवस्था पर जोर
अमित शाह ने कहा कि राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए मजबूत प्रशासन जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। शाह ने दावा किया कि अगर उनकी पार्टी को मौका मिलता है, तो राज्य में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं, जिससे मतदाता बिना डर के वोट डाल सकें।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा का मुद्दा
रैली में शाह ने सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि राज्य की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। शाह के अनुसार, सीमा पर सख्त निगरानी और आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा और सामाजिक योजनाओं के वादे
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी शाह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा माहौल बनाना जरूरी है, जहां महिलाएं किसी भी समय सुरक्षित महसूस कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सामाजिक योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद वर्गों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार से जुड़े वादे भी किए।
चुनावी कार्यक्रमों से बढ़ी हलचल
राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमित शाह दिनभर में कई जनसभाओं और रोड शो में हिस्सा लेने वाले हैं, जिससे चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य नेता भी लगातार रैलियां कर रहे हैं। सभी दल अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को साधने की कोशिश में जुटे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई पर नजर
इसी बीच, वोटर लिस्ट से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है। बड़ी संख्या में ऐसे लोगों का मामला अदालत के सामने है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत का फैसला क्या आता है और उसका चुनाव प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है।