StockMarket – कच्चे तेल की नरमी से शेयर बाजार ने मजबूत बढ़त के साथ की शुरुआत
StockMarket – भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार सुबह सकारात्मक माहौल के बीच कारोबार की शुरुआत की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिसका असर शुरुआती कारोबार में साफ दिखाई दिया। बेहतर वैश्विक संकेतों और खरीदारी के रुझान के चलते प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी रहे मजबूत
सुबह 9:16 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 367.18 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,358.40 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, एनएसई निफ्टी 104.75 अंक या 0.44 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24,126.40 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती मिनटों में सेंसेक्स ने 400 अंकों से अधिक की बढ़त भी दर्ज की, जिससे बाजार में निवेशकों का उत्साह नजर आया।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा रही खरीदारी
कारोबार की शुरुआत में आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एचसीएल टेक और विमानन क्षेत्र की इंडिगो के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को भी सहारा दिया।
बाजार की तेजी के पीछे क्या रहे प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 76 डॉलर प्रति बैरल पर आने से भारतीय बाजार को राहत मिली है। यह स्तर पिछले चार महीनों के निचले स्तरों में शामिल है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में कमी को अर्थव्यवस्था और कई उद्योगों के लिए सकारात्मक माना जाता है।
इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के संकेत मिलने से वैश्विक आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं भी कम हुई हैं। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और बाजार में खरीदारी का माहौल मजबूत हुआ।
वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। जापान के निक्केई और टोपिक्स सूचकांकों में करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स भी लगभग 0.5 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।
दूसरी ओर, एशिया के कुछ बाजार दबाव में रहे। हांगकांग का हैंग सेंग करीब 1.2 प्रतिशत फिसला, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.2 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया के एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में उल्लेखनीय बदलाव नहीं रहा।
आगे की चाल पर विशेषज्ञों की नजर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम सामने नहीं आता, तो घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान कुछ समय तक बना रह सकता है। निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू कारोबारी गतिविधियों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।