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Stock Market – भारी उतार-चढ़ाव के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार

Stock Market – गुरुवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दिन की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई, लेकिन बाद के घंटों में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बाजार ने नुकसान की भरपाई कर ली। कारोबार समाप्त होने तक प्रमुख सूचकांक लगभग स्थिर स्तर पर पहुंच गए और मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में जारी तनाव पूरे दिन निवेशकों की चिंता का कारण बने रहे।

कारोबार के अंत में सूचकांकों की स्थिति

दिनभर के अस्थिर रुख के बाद बीएसई सेंसेक्स 13.84 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 74,360.01 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 10.96 अंक चढ़कर 23,416.55 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में सीमित बढ़त के बावजूद निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा।

विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सात पैसे कमजोर होकर 95.83 पर बंद हुआ, जो विदेशी पूंजी निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं का संकेत माना जा रहा है।

चुनिंदा शेयरों ने संभाला बाजार

गिरावट वाले माहौल में कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। टाइटन के शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जबकि इटरनल में लगभग 3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा भी लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।

इन शेयरों में आई खरीदारी ने शुरुआती नुकसान को काफी हद तक संतुलित करने में मदद की, जिससे प्रमुख सूचकांक अंततः हरे निशान में बंद हो सके।

बैंकिंग और आईटी शेयरों पर दबाव

दूसरी ओर कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। ट्रेंट, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग और आईटी क्षेत्र में कमजोरी ने बाजार की तेजी को सीमित कर दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों की सतर्क रणनीति और वैश्विक संकेतों की अनिश्चितता के कारण इन क्षेत्रों में दबाव देखने को मिला।

शुरुआती कारोबार में दिखी बड़ी कमजोरी

सुबह बाजार ने नकारात्मक संकेतों के साथ कारोबार शुरू किया था। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 229 अंकों से अधिक टूट गया था, जबकि निफ्टी भी 66 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया था। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एक दिन पहले विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से 5,616 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी। इससे पहले भी बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी, जिसके चलते निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ।

विदेशी निवेशकों की रणनीति पर नजर

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कुछ प्रमुख बाजारों में बेहतर रिटर्न की संभावना के चलते विदेशी निवेशक भारत से धन निकाल रहे हैं। अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में सकारात्मक माहौल विदेशी पूंजी को आकर्षित कर रहा है।

निवेश रणनीतिकारों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहता है तो भारतीय बाजार पर निकट अवधि में दबाव बना रह सकता है। हालांकि घरेलू निवेशकों की भागीदारी बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है।

वैश्विक संकेत और पश्चिम एशिया का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेशकों की चिंता कम नहीं हुई है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया, जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी दर्ज की गई। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे।

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेश धारणा को प्रभावित किया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में संघर्ष विराम से राहत मिली है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। इसका असर ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई दिया, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

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