SmallSavings – बाजार की अनिश्चितता में क्या बेहतर विकल्प है सुरक्षित निवेश…
SmallSavings – शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में कई निवेशक अपने निवेश को लेकर दोबारा सोचने लगते हैं। खासकर सेवानिवृत्ति के बाद या लंबे समय की बचत को सुरक्षित रखने वाले लोगों के लिए पूंजी की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। ऐसे समय में सरकार समर्थित लघु बचत योजनाएं एक स्थिर विकल्प के रूप में सामने आती हैं। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सुरक्षा या केवल अधिक रिटर्न पर ध्यान देने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।

बाजार में गिरावट के दौरान बढ़ता है सुरक्षित निवेश का आकर्षण
जब वैश्विक घटनाओं, आर्थिक अनिश्चितता या बाजार की कमजोरी के कारण निवेश प्रभावित होता है, तब निवेशकों का रुझान सुरक्षित साधनों की ओर बढ़ता है। Public Provident Fund (PPF), Sukanya Samriddhi Yojana (SSY), National Savings Certificate (NSC) और Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) जैसी योजनाएं ऐसे समय में अपेक्षाकृत स्थिर विकल्प मानी जाती हैं। इन योजनाओं में लंबी अवधि का लॉक-इन निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से भी रोकता है, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य प्रभावित नहीं होते।
सरकारी योजनाओं की प्रमुख विशेषताएं
लघु बचत योजनाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें निवेश और निर्धारित रिटर्न पर भारत सरकार का भरोसा जुड़ा होता है। इनका रिटर्न शेयर बाजार की दैनिक चाल से प्रभावित नहीं होता और ब्याज दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। यही कारण है कि जोखिम से बचने वाले निवेशक, सेवानिवृत्त नागरिक और भविष्य के निश्चित लक्ष्यों के लिए बचत करने वाले परिवार इन्हें प्राथमिकता देते हैं। साथ ही कुछ योजनाओं में Income Tax Act की धारा 80C के तहत कर लाभ भी उपलब्ध होता है।
हर निवेशक के लिए एक जैसा विकल्प नहीं
विशेषज्ञों का कहना है कि लघु बचत योजनाएं हर निवेशक की जरूरत के अनुसार उपयुक्त नहीं होतीं। जिन लोगों को नियमित आय चाहिए या जो मूलधन पर किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते, उनके लिए ये योजनाएं उपयोगी हो सकती हैं। वहीं लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण का लक्ष्य रखने वाले निवेशकों को केवल सुरक्षित योजनाओं तक सीमित रहने के बजाय अन्य निवेश विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।
महंगाई का असर भी रखें ध्यान में
वित्तीय जानकारों के अनुसार केवल सुरक्षित रिटर्न पर निर्भर रहने से महंगाई का प्रभाव लंबे समय में निवेश की वास्तविक क्रय शक्ति को कम कर सकता है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो लंबी अवधि में विविधीकृत Equity Mutual Funds ने महंगाई की तुलना में बेहतर रिटर्न देने की क्षमता दिखाई है। हालांकि इनमें बाजार जोखिम भी शामिल रहता है, इसलिए निवेश का निर्णय अपनी जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
संतुलित निवेश रणनीति मानी जाती है बेहतर
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेश को एक ही विकल्प में केंद्रित करने के बजाय विविधीकृत रणनीति अपनाई जाए। सुरक्षा के लिए एक हिस्सा सरकारी लघु बचत योजनाओं में रखा जा सकता है, जबकि लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना के लिए शेष राशि को चरणबद्ध तरीके से Equity Mutual Funds जैसे विकल्पों में निवेश किया जा सकता है। इस प्रकार सुरक्षा और संभावित वृद्धि के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।