IPO – एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट की मजबूत लिस्टिंग, बाजार पूंजीकरण ₹1.25 लाख करोड़ के पार…
IPO– भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने शेयर बाजार में अपनी शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की। कंपनी के शेयर इश्यू मूल्य से करीब सात प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए, जिससे निवेशकों को पहले ही दिन सकारात्मक रिटर्न मिला। बेहतर लिस्टिंग के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। पिछले सप्ताह आईपीओ को मिले जोरदार निवेशक समर्थन के बाद बाजार की निगाहें इसकी लिस्टिंग पर टिकी थीं।

बीएसई और एनएसई पर रही सकारात्मक शुरुआत
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर 574 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 610 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो लगभग 6.27 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। कारोबार शुरू होने के कुछ ही समय बाद इसमें और तेजी आई तथा यह 624.80 रुपये तक पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर 613.30 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो इश्यू मूल्य से करीब 6.84 प्रतिशत अधिक था। इस प्रदर्शन के बाद कंपनी का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग 1,25,845 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
निवेशकों ने आईपीओ को दिया था मजबूत समर्थन
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को निवेशकों से व्यापक प्रतिक्रिया मिली थी। बोली प्रक्रिया के अंतिम दिन यह सार्वजनिक निर्गम कुल 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ। लगभग 9,812.91 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। बड़ी संख्या में निवेशकों ने ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन किए, जिससे लिस्टिंग के समय शेयर को मजबूत प्रीमियम मिलने की संभावना पहले से ही जताई जा रही थी।
ऑफर फॉर सेल के जरिए हुई हिस्सेदारी की बिक्री
यह पूरा सार्वजनिक निर्गम ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में लाया गया था। इसका अर्थ है कि कंपनी ने नए शेयर जारी कर पूंजी नहीं जुटाई, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी निवेशकों को बेची। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी के प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी ने संयुक्त रूप से लगभग 17.09 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की। लिस्टिंग के बाद अब कंपनी के शेयर शेयर बाजार में सामान्य निवेशकों के लिए कारोबार के लिए उपलब्ध हैं।
म्यूचुअल फंड उद्योग में अग्रणी स्थान
वर्ष 1987 में स्थापित एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी Asset Management Company मानी जाती है। तिमाही औसत Asset Under Management (QAAUM) के आधार पर कंपनी भारतीय Mutual Fund उद्योग में शीर्ष स्थान रखती है। 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास लगभग 12.51 लाख करोड़ रुपये का Asset Under Management था, जो उद्योग में करीब 15.3 प्रतिशत हिस्सेदारी को दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सूचीबद्धता कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। साथ ही यह भारतीय Mutual Fund उद्योग में दीर्घकालिक निवेश की बढ़ती रुचि का भी संकेत माना जा रहा है।