बिज़नेस

Helium – निर्यात पर चीन की रोक से चिंतित हुए वैश्विक सप्लाई और चिप उद्योग

Helium- चीन ने हीलियम के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में हीलियम की उपलब्धता पहले से प्रभावित है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय और सीमा शुल्क प्रशासन ने एक संक्षिप्त आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि यह कदम देश के विदेशी व्यापार कानून के प्रावधानों के तहत उठाया गया है।

हीलियम की बढ़ती अहमियत

हीलियम आधुनिक उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण गैस मानी जाती है। इसका व्यापक उपयोग सेमीकंडक्टर निर्माण, वैज्ञानिक अनुसंधान और अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली एमआरआई मशीनों को ठंडा रखने जैसी प्रक्रियाओं में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही इसकी आपूर्ति दबाव में है और हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।

चीन ने प्रतिबंध क्यों लगाया?

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का उद्देश्य अपने घरेलू उद्योगों के लिए पर्याप्त हीलियम उपलब्ध कराना है। फ्रांसीसी वित्तीय संस्थान नातिक्सिस के वरिष्ठ अर्थशास्त्री गैरी एनजी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर आपूर्ति सीमित होने के कारण चीन अपने रणनीतिक क्षेत्रों, विशेषकर चिप निर्माण उद्योग, की जरूरतों को प्राथमिकता देना चाहता है। उनके मुताबिक यह निर्णय राजनीतिक कारणों की तुलना में औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया प्रतीत होता है।

आयात पर भी निर्भर है चीन

चीन अपनी कुल आवश्यकता का केवल लगभग 15 प्रतिशत या उससे भी कम हीलियम स्वयं उत्पादन करता है। शेष जरूरतें मुख्य रूप से कतर से आयात की जाती हैं, जिसे दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में गिना जाता है। वैश्विक आपूर्ति पहले से प्रभावित होने के कारण चीन के लिए घरेलू भंडार सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वैश्विक बाजार पर संभावित प्रभाव

शंघाई स्थित कंसल्टेंसी टिडलवेव सॉल्यूशंस के वरिष्ठ साझेदार कैमरून जॉनसन का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय हीलियम आपूर्ति सामान्य स्थिति में कब लौटेगी। उनके अनुसार, चीन का यह फैसला संकेत देता है कि वह आने वाले समय में संभावित कमी को देखते हुए अपनी उपलब्ध आपूर्ति बचाकर रखना चाहता है।

हालांकि, गैरी एनजी का मानना है कि चीन वैश्विक स्तर पर हीलियम का बड़ा निर्यातक नहीं है। इसलिए इस प्रतिबंध का सीधा असर सीमित रह सकता है, लेकिन पहले से मौजूद आपूर्ति संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

चिप उद्योग की रणनीति से जुड़ा फैसला

यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब चीन सेमीकंडक्टर और Artificial Intelligence जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता लगातार बढ़ाने पर काम कर रहा है। अमेरिका के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच बीजिंग महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आवश्यक कच्चे संसाधनों की घरेलू उपलब्धता बनाए रखना चीन की दीर्घकालिक औद्योगिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है।

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.