GoldRate – वैश्विक तनाव के बीच सोने के दाम में जारी है उतार-चढ़ाव
GoldRate – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव का असर अब सोने की कीमतों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी पड़ा है। हालांकि पूरे सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में स्थिरता देखने को मिली, लेकिन निचले स्तर से इसमें अच्छी रिकवरी दर्ज की गई है। भारतीय बाजार में एमसीएक्स पर सोना शुक्रवार को 1,47,270 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो सप्ताह के निचले स्तर से करीब 17,500 रुपये अधिक है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का रुख
वैश्विक बाजार की बात करें तो इस सप्ताह सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 4500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जरूर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह के दौरान इसमें करीब 1.85 प्रतिशत की कमी आई। इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों का रुझान थोड़ा कमजोर हुआ है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी सोने के बाजार को प्रभावित किया है। ब्रेंट क्रूड का भाव पहले 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब था, जो अब घटकर लगभग 93 डॉलर तक आ गया है। इससे महंगाई के दबाव में कुछ राहत मिली है। इसी कारण सोना अपने निचले स्तर से उबरकर ऊपर आने में सफल रहा है और बाजार में संतुलन बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत दे रहे हैं भाव
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में सोने की कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें 4600 डॉलर के स्तर के ऊपर टिकती हैं, तो आगे और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर कीमतें 4300 डॉलर से नीचे जाती हैं, तो गिरावट का नया दौर शुरू हो सकता है। इस तरह निवेशकों को सतर्क रहते हुए बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारण
सोने की कीमतों पर कई वैश्विक और आर्थिक कारकों का असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों का रुझान सोने से कुछ हद तक कम हुआ है। इसके अलावा अन्य एसेट क्लास में हो रहे बदलाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इन सभी कारणों के चलते सोने के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
आने वाले दिनों में रह सकती है अस्थिरता
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहेगी, तब तक सोने की कीमतों में तेज हलचल जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने और बाजार की स्थितियों को समझकर ही कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल सोना एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है, लेकिन इसके भाव में बदलाव की गति तेज बनी रह सकती है।



