बिज़नेस

AutoSales – जनवरी 2026 में ऑटो उद्योग की रिकॉर्ड बढ़त

AutoSales – भारत के ऑटो उद्योग ने वर्ष 2026 की शुरुआत मजबूत संकेतों के साथ की है। जनवरी महीने में यात्री वाहन, दोपहिया और तीनपहिया—तीनों प्रमुख श्रेणियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के मुताबिक, यह अब तक की सबसे सशक्त जनवरी रही है। कुल वाहन उत्पादन 29.27 लाख यूनिट तक पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती मांग को दर्शाता है।

यात्री वाहनों में लगातार बढ़त

जनवरी 2026 में कुल 4,49,616 यात्री वाहन बिके, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,99,386 यूनिट था। इस तरह साल-दर-साल आधार पर 12.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि मध्यम वर्ग की आय में स्थिरता और बेहतर वित्तीय विकल्पों ने परिवारों को नई कारें खरीदने के लिए प्रेरित किया है।

एसयूवी और प्रीमियम कारों की मांग में भी मजबूती देखी गई। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक अब सुविधाओं और सुरक्षा फीचर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों से संतुलित मांग ने इस वृद्धि को समर्थन दिया।

दोपहिया सेगमेंट में तेज उछाल

दोपहिया वाहनों ने इस बार सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। जनवरी में कुल 19,25,603 यूनिट की बिक्री के साथ 26.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मोटरसाइकिल की बिक्री 11,26,416 यूनिट रही, जो 20.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है। वहीं स्कूटर सेगमेंट में 36.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय छलांग लगी और 7,50,580 यूनिट बिके।

मोपेड की बिक्री भी बढ़ी और 48,607 यूनिट तक पहुंची। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे शहरों और कस्बों में किफायती परिवहन की जरूरत और बेहतर फाइनेंसिंग विकल्पों ने दोपहिया की मांग को बढ़ावा दिया है।

तीनपहिया और वाणिज्यिक उपयोग

तीनपहिया वाहनों की बिक्री में 30.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 75,725 यूनिट बिके। पैसेंजर कैरियर श्रेणी में 60,881 यूनिट की बिक्री हुई, जो 30.4 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं गुड्स कैरियर में 33.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

हालांकि ई-रिक्शा सेगमेंट में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन ई-कार्ट श्रेणी में सकारात्मक रुझान बना रहा। उद्योग जानकारों का मानना है कि छोटे व्यापार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में तेजी से तीनपहिया वाहनों की मांग को बल मिला है।

मांग में तेजी के कारण

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल में घोषित बजट प्रावधानों और कर संरचना में बदलाव ने वाहन खरीद को अपेक्षाकृत आसान बनाया है। उपभोक्ता विश्वास में सुधार और वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भूमिका भी बिक्री में वृद्धि का कारण बनी है।

उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि विनिर्माण को प्रोत्साहन देने वाली नीतियां और घरेलू मांग में मजबूती से उत्पादन स्तर में भी इजाफा हुआ है।

आगे की संभावनाएं

उद्योग जगत का मानना है कि यदि आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में भी मांग स्थिर रह सकती है। हालांकि वैश्विक बाजार और कच्चे माल की कीमतों जैसे कारक भविष्य की दिशा तय करेंगे।

फिलहाल 29.27 लाख यूनिट का उत्पादन यह संकेत देता है कि ऑटो उद्योग नए वर्ष में मजबूत आधार के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतिगत पहल और उपभोक्ताओं का भरोसा इस गति को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please disable your AdBlocker first, and then you can watch everything easily.