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AssamBudget – 2.85 लाख करोड़ रुपये के बजट में चाय उत्पादकों और ऊर्जा क्षेत्र को मिली राहत

AssamBudget- असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने अपने पहले बजट भाषण में राज्य की वित्तीय प्राथमिकताओं का खाका रखते हुए छोटे चाय उत्पादकों, स्वच्छ ऊर्जा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों की घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह बजट विकास को गति देने के साथ-साथ विभिन्न वर्गों को राहत देने पर केंद्रित है।

छोटे चाय उत्पादकों को कर राहत का प्रस्ताव

बजट में छोटे चाय उत्पादकों के लिए कृषि आय कर छूट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने इसे मौजूदा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य छोटे उत्पादकों को आर्थिक राहत देना और चाय उद्योग में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की तैयारी

घरेलू उपभोक्ताओं पर ऊर्जा खर्च कम करने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस पर वैट में बड़ी कटौती का प्रस्ताव किया गया है। सरकार इसे 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने की तैयारी में है। इसके साथ ही शहरों में गैस आपूर्ति नेटवर्क के विस्तार को भी समर्थन देने की योजना बनाई गई है, जिससे अधिक उपभोक्ताओं तक पाइप्ड गैस की सुविधा पहुंच सके।

बजट का आकार और वित्तीय स्थिति

राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,85,084.45 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान रखा है। बजट दस्तावेज के अनुसार, समेकित कोष से 1,56,714.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है, जबकि सार्वजनिक खाते के तहत 1,26,369.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आकस्मिक निधि के लिए 2,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार को कुल प्राप्तियां 2,88,309.45 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसमें समेकित कोष और सार्वजनिक खाते दोनों शामिल हैं।

बजट घाटा नियंत्रित रखने का लक्ष्य

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार 3,644.26 करोड़ रुपये के घाटे को कम करते हुए वित्त वर्ष के अंत तक इसे 419.26 करोड़ रुपये तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के मुताबिक यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के लगभग 3 प्रतिशत के भीतर रहेगा, जो निर्धारित वित्तीय मानकों के अनुरूप है।

विकास योजनाएं और प्राथमिकता वाले क्षेत्र

बजट भाषण में वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों में शुरू की गई प्रमुख सरकारी योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों में निवेश जारी रखने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करना और राज्य के समग्र विकास को गति देना है।

प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का दावा

सरकार ने बजट भाषण में राज्य की आर्थिक प्रगति का भी उल्लेख किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015-16 में जहां असम की प्रति व्यक्ति आय 60,817 रुपये थी, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 1,85,429 रुपये तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि यह वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था के विस्तार और विकास योजनाओं के व्यापक प्रभाव को दर्शाती है। हालांकि इन दावों का वास्तविक असर आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के आंकड़ों से भी आंका जाएगा।

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